सुक्खू सरकार के पास उपलब्धि नहीं, इसलिए नाम बदलने की कर रही राजनीति
केंद्र के सहयोग का श्रेय नहीं देती हिमाचल सरकार
एएम नाथ। शिमला : नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर गांधी परिवार की चापलूसी के लिए प्रदेश के संस्थानों और योजनाओं के नाम बदलने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि साढ़े तीन साल से अधिक के कार्यकाल में सरकार के पास बताने योग्य कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है, इसलिए वह पहले से संचालित संस्थानों के नाम गांधी-नेहरू परिवार के नाम पर रखकर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने अपने नाम और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नाम पर योजनाएं शुरू कीं, लेकिन उनका लाभ लोगों तक नहीं पहुंचा और प्रचार-प्रसार पर अधिक खर्च किया गया।
जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में मंडी में सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर प्रदेश का दूसरा अकादमिक विश्वविद्यालय स्थापित किया गया था, जिससे विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र के निकट उच्च शिक्षा का अवसर मिलता। उनका आरोप है कि सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार लगातार इस विश्वविद्यालय को कमजोर करने और समाप्त करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विद्वेष के कारण पूर्व भाजपा सरकार द्वारा खोले गए अनेक जनहित संस्थान बंद कर दिए गए तथा कई योजनाओं का बजट रोक दिया गया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार ने हजारों संस्थान बंद किए, बड़ी संख्या में पद समाप्त किए और रोजगार के अवसर कम किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार स्थायी नौकरियां देने में विफल रही है तथा अस्थायी रोजगार के अवसर भी सीमित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने किसानों, बागवानों और महिलाओं से किए गए वादे पूरे न करने का भी आरोप लगाया।
जयराम ठाकुर ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री केंद्र सरकार की आलोचना तो करते हैं, लेकिन हिमाचल को मिल रहे केंद्रीय सहयोग का उल्लेख नहीं करते। उन्होंने दावा किया कि मेडिकल पीजी सीटों के विस्तार सहित कई स्वास्थ्य और विकास परियोजनाओं में केंद्र सरकार का बड़ा वित्तीय योगदान है। उनके अनुसार, केंद्र प्रायोजित योजनाओं में हिमाचल को 90 प्रतिशत तक सहायता मिल रही है, फिर भी राज्य सरकार इसका श्रेय देने से बचती है।
