होशियारपुर। चंडीगढ़ स्थित सरकारी कोठी नंबर 960 के आवंटन और इस्तेमाल को लेकर विवाद गहरा गया है। कांग्रेस के पूर्व विधायक पवन आदिया ने पंजाब सरकार से इस मामले में पूरी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
आदिया ने कहा कि जानकारी के अनुसार यह कोठी मंत्री डॉ. रवजोत सिंह के नाम पर आवंटित है, लेकिन वर्तमान में इसमें कौन रह रहा है, यह बड़ा सवाल है। सरकार को बताना चाहिए कि कोठी में रह रहे व्यक्ति को वहां रहने की अनुमति किस नियम और किस आधार पर दी गई है।
उन्होंने मांग की कि सरकार कोठी नंबर 960 का आवंटन पत्र, कब्जे और इस्तेमाल से संबंधित पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करे। उन्होंने कहा कि दस्तावेज सामने आने के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
पूर्व विधायक ने दावा किया कि मामला केवल एक कोठी तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार करीब 15 अन्य सरकारी आवास भी ऐसे हैं, जो कागजों में किसी एक व्यक्ति के नाम आवंटित हैं, जबकि उनमें कोई अन्य व्यक्ति रह रहा है। उन्होंने इन सभी आवासों की सूची और रिकॉर्ड भी सार्वजनिक करने की मांग उठाई।
आदिया ने सरकारी आवास आवंटन में विधानसभा स्पीकर के हस्ताक्षर की अनिवार्य प्रक्रिया का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में उस प्रक्रिया का पालन हुआ है या नहीं, इसका भी स्पष्टीकरण दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी को पारिवारिक या चिकित्सा कारणों से कोठी में रहने की अनुमति दी गई है, तो सरकार को वह नियम और अनुमति का आधार भी जनता के सामने रखना चाहिए।
