चिंतपूर्णी मेलाः आरटी-पीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट अथवा दोनों डोज़ का प्रमाण पत्र लाना आवश्यक

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ऊना- चिंतपूर्णी में 9 से 17 अगस्त तक चलने वाले श्रावण अष्टमी मेले के दौरान बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 72 घंटे के भीतर जारी की गई नेगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट अथवा कोविड वैक्सीन के दोनों डोज़ लगने का प्रमाण पत्र साथ लाना अनिवार्य किया गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए मंदिर आयुक्त एवं उपायुक्त ऊना राघव शर्मा ने कहा कि श्रावण अष्टमी मेलों को ध्यान में रखते हुए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चिंतपूर्णी तथा अन्य मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुछ पाबंदिया निर्धारित की गई हैं। उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान मंदिरों व धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं को जिला की सीमा में प्रवेश करने की सशर्त अनुमति ही प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि श्रद्धालु के पास या तो कोविड वैक्सीन की दोनों डोज़ लगवाने का प्रमाण पत्र होना चाहिए या अधिकतकम 72 घंटे पुरानी आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट होनी चाहिए।
डीसी राघव शर्मा ने बताया कि मेला अधिकारी व पुलिस मेला अधिकारी द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा कि नो मास्क नो दर्शन का नियम सख्ती से लागू हो। इसके साथ ही निर्धारित सामाजिक दूरी के मापदंडों की अनुपालना व इसके प्रति हर समय सजग रहने के लिए आगंतुकों को जागरूक करना होगा। धार्मिक स्थलों के प्रवेश द्वार पर थर्मल स्केनिंग, हैंड सेनिटाइजेशन व वाशिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
बॉर्डर पर इस तरह की रहेगी व्यवस्था
डीसी राघव शर्मा ने बताया कि पुलिस विभाग द्वारा जिला के प्रवेश द्वारों पर अंतर्राज्यीय आवाजाही के निगरानी के लिए चैक-पोस्ट व नाका स्थापित किए जाएंगे। इन नाकों पर तैनात पुलिस कर्मियों द्वारा कोविड-19 वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र व आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट की जांच पड़ताल के उपरांत ही श्रद्धालुओं को आगे जाने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की अपनी जिम्मेदारी होगी कि धार्मिक यात्रा के लिए निकलते समय घर से निर्धारित दस्तावेज साथ लेकर चलें। इस बात पर विशेष ध्यान देना होगा कि जिला के प्रवेश द्वारों पर भीड़ जमा न हो तथा कोविड अनुरुप व्यवहार व सामाजिक दूरी की पालना हो। इसके अतिरिक्त निर्धारित चैकिंग केंद्रों पर पेयजल, चिकित्सा सुविधा व बैठने की समुचित व्यवस्था हो।
डीसी राघव शर्मा ने बताया कि समस्त एसडीएम व तहसीलदारों को नाकों पर कोविड-19 डियूटी के लिए विभिन्न विभागों से कर्मियों की तैनाती के लिए प्राधिकृत किया गया है। इन अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जा सकती है।
उन्होंने बताया कि यह आदेश तुरंत प्रभाव से 18 अगस्त तक लागू रहेंगे। उन्होंने कहा कि नियमों की अवहेलना पर दोषी के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 के तहत नियमानुसार कार्यवाही अमल में लाई जा सकती है।

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