चिट्टे की ओवरडोज से युवक की मौत: नशा तस्करों पर गैर इरादतन हत्या का पुलिस ने किया मामला दर्ज

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रोहित जसवाल।  शिमला, 23 फ़रवरी । हिमाचल प्रदेश में नशे की ओवरडोज से हुई मौत के मामले में पुलिस ने नशा तस्करों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। यह मामला राजधानी शिमला के उपनगर संजौली में सामने आया जहां 24 वर्षीय युवक का शव एक निर्माणाधीन इमारत में मिला।
शुरुआती जांच में पता चला कि युवक की मौत चिट्टे (हेरोइन) की अधिक मात्रा लेने से हुई। मृतक युवक साहिल मंडी जिला के बलद्वारा का रहने वाला था।
पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए नशा सप्लाई करने वालों की तलाश शुरू कर दी है। जानकारी अनुसार हिमाचल में यह पहली बार है जब नशे के सौदागरों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धारा लगाई गई है। इससे पहले तक ड्रग तस्करों पर केवल एनडीपीएस एक्ट के तहत ही कार्रवाई की जाती थी, लेकिन अब इस मामले को हत्या की श्रेणी में रखा गया है।
निर्माणाधीन इमारत में मिला शव, हाथ में लगी थी सिरिंज
बीते शुक्रवार को शिमला के संजौली स्थित एक निर्माणाधीन भवन में स्थानीय लोगों ने एक युवक का शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि युवक के हाथ में एक सिरिंज लगी हुई थी और उसके आसपास नशे से संबंधित अन्य चीजें भी मिलीं। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों द्वारा किए गए शुरुआती परीक्षणों में युवक के शरीर में मॉर्फिन और प्री गैबलिन जैसे तत्व पाए गए। ये आमतौर पर चिट्टे में मिलाए जाते हैं। इससे यह साफ हो गया कि युवक की मौत नशे की अधिक खुराक लेने से हुई है।
शिमला के एसपी संजीव कुमार गांधी ने रविवार को बताया कि प्रारंभिक जांच में युवक की मौत की वजह नशे की ओवरडोज सामने आई है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक को चिट्टा किसने और कहां से सप्लाई किया। इसके अलावा युवक के अन्य साथियों की भी तलाश की जा रही है जो उसके साथ नशा कर रहे थे या जो इस धंधे से जुड़े हो सकते हैं।
पुलिस के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में बीते कुछ वर्षों से चिट्टे का चलन बढ़ता जा रहा है। पहले यह नशा पंजाब और दिल्ली तक ही सीमित था, लेकिन अब यह पहाड़ी राज्यों में भी तेजी से फैल रहा है। कई युवाओं को यह नशा लत का शिकार बना चुका है। हिमाचल में यह पहला मामला है जब नशा तस्करों पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। अब तक पुलिस केवल एनडीपीएस एक्ट के तहत ही कार्रवाई करती थी, लेकिन इस बार मामला अलग है।
 जनवरी में 229 एनडीपीएस मामले दर्ज
हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2025 के जनवरी महीने में मादक पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई। जनवरी महीने में कुल 229 एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए यानी औसतन हर दिन 7 से 8 मामले सामने आए। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक सबसे ज्यादा 40 एनडीपीएस केस शिमला में दर्ज हुए। इसके बाद मंडी में 36, कांगड़ा में 30, सिरमौर में 22, बिलासपुर में 19, कुल्लू में 18, ऊना में 14, हमीरपुर में 12, चंबा में 11, सोलन में 9, नूरपुर में 8, बीबीएन में 5, देहरा में 4 और किन्नौर में 1 केस दर्ज किया गया। लाहौल-स्पीति ऐसा इकलौता जिला रहा जहां एनडीपीएस का एक भी मामला सामने नहीं आया।
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