चोरी के आरोप में दुकानदार ने बैट से किया हमला : बायां हाथ दो जगह से टूटा, सिर में गंभीर जख्म; इलाज पर खर्च हुए ढाई लाख, पैसे खत्म होने पर अस्पताल से घर लौटा पीड़ित

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गढ़शंकर । गांव हैबोवाल निवासी 35 वर्षीय सोढी सिंह पिछले करीब एक महीने से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। आरोप है कि करीब एक माह पहले एक दुकानदार ने उस पर चोरी का आरोप लगाकर क्रिकेट बैट से बेरहमी से हमला कर दिया। हमले में सोढी सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके शरीर पर कई चोटें आईं।
सोढी सिंह घरों में रंग-रोगन का काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, घटना के बाद समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।  पीड़ित के परिजनों के मुताबिक, करीब एक महीने पहले सोढी सिंह हैबोवाल अड्डे पर एक दुकान से सामान लेने गया था। इसी दौरान दुकानदार ने उस पर सामान चोरी करने का आरोप लगाया। आरोप है कि दुकानदार ने क्रिकेट बैट उठाकर सोढी सिंह के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। मारपीट में उसका बायां हाथ दो जगह से टूट गया। इसके अलावा शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं और सिर के पिछले हिस्से में गहरा जख्म हो गया।

15 दिन चला इलाज, ढाई लाख का बिल बना

परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण शुरुआत में उसका समुचित इलाज नहीं हो सका। उसकी भतीजी नेहा ने हिम्मत जुटाकर उसे कलवां मोड़, नूरपुर बेदी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां करीब 15 दिनों तक उसका उपचार चला, लेकिन इलाज का खर्च बढ़कर लगभग ढाई लाख रुपये हो गया।
परिवार के पास पैसे नहीं होने के कारण अस्पताल से उसे छुट्टी दिलाकर घर लाना पड़ा। परिजनों के अनुसार, पिछले करीब दो सप्ताह से सोढी सिंह घर पर खाट पर पड़ा हुआ है और बिना समुचित इलाज के उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

सिर का जख्म बिगड़ा, मवाद पड़ने का दावा
भतीजी नेहा के अनुसार, बैट से सिर पर लगी चोट का जख्म अब गंभीर रूप ले चुका है और उसमें मवाद पड़ गई है। परिवार का कहना है कि सोढी सिंह को तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सकीय उपचार की जरूरत है। समय पर इलाज नहीं मिलने की स्थिति में उसकी जान को खतरा हो सकता है।

नेहा का आरोप है कि मारपीट करने वाला दुकानदार अब परिवार पर मामले को दबाने और राजीनामा करने का दबाव बना रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित दुकानदार या पुलिस का पक्ष सामने नहीं आया है।
इलाज चाहिए, राजीनामा नहीं
पीड़ित परिवार ने सरकार, प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं से मदद की गुहार लगाई है। परिवार का कहना है कि उनके पास सोढी सिंह के इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। उनकी मांग है कि मामले में राजीनामा कराने के बजाय पीड़ित का  तत्काल इलाज करवाया जाए।

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