अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) सदस्य और अकाली दल नेता अमरजीत सिंह चावला ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उनके मामले में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का पालन नहीं किया गया। सोमवार को फेसबुक लाइव के दौरान चावला ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई से पहले उसका पक्ष सुना जाना चाहिए, लेकिन उन्हें अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया।
चावला ने कहा कि संबंधित मामला अदालत में विचाराधीन है और पुलिस एफआईआर के बाद बयान भी दर्ज हो चुके हैं। इसके बावजूद उनके खिलाफ जांच कमेटी बनाए बिना जल्दबाजी में फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें बुलाकर स्थिति स्पष्ट करने का मौका दिया जाना चाहिए था।
35 साल की पंथक सेवा का दिया हवाला
चावला ने अपनी करीब 35 वर्ष की पंथक सेवा का हवाला देते हुए कहा कि उनके योगदान को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए था। उन्होंने पूर्व अकाली नेता सुच्चा सिंह लंगाह के मामले का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि जब उस मामले में जांच कमेटी बनाई गई थी तो उनके मामले में भी निष्पक्ष जांच के लिए कमेटी क्यों नहीं बनाई गई।
चावला ने कहा कि वह किसी भी जांच से पीछे नहीं हट रहे हैं। यदि निष्पक्ष जांच में उनकी गलती साबित होती है तो वह उसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि ‘बहरीन से आई महिला’ से जुड़े विवाद को लेकर वह जल्द कुछ और वीडियो जारी करेंगे और संगत के सामने अपना पक्ष रखेंगे।
महिला ने चावला पर लगाए गंभीर आरोप
महिला की शिकायत के अनुसार, वह धार्मिक यात्रा के लिए श्री आनंदपुर साहिब आई थी। उसका आरोप है कि चावला उसे अलग-अलग सराय और कमरों में ले गए, जहां उसे बंधक बनाकर कई बार दुष्कर्म किया गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसे धमकाया गया और मानसिक दबाव के चलते उसने आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि, एक सेवादार द्वारा उसे अस्पताल पहुंचाए जाने के बाद उसकी जान बच गई।
महिला ने दावा किया कि उसने एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज समेत कई पंथक हस्तियों से न्याय की गुहार लगाई थी। सुनवाई न होने का आरोप लगाते हुए उसने बाद में पुलिस से शिकायत की।
चावला ने अकाली दल और एसजीपीसी से दिया इस्तीफा
चावला ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की सदस्यता और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की भी जानकारी दी। उन्होंने अपने इस्तीफे अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी को भेजे हैं।
