जिला में प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए आजीविका, स्वास्थ्य और सामाजिक सशक्तिकरण को मिलेगा नया आयाम

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एएम नाथ। बिलासपुर 3 जनवरी: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा जिला मुख्यालय के बचत भवन में प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों के लिए आजीविका, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सशक्तिकरण से संबंधित गतिविधियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त राहुल कुमार ने की।
बैठक में वरिष्ठ नागरिकों के लिए आजीविका कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक उपमंडल में एक दिवसीय तथा जिला स्तर पर दो दिवसीय आजीविका कार्यशालाओं के आयोजन का निर्णय लिया गया। इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग सहित संबंधित विभागों के सहयोग से एक समन्वय समिति का गठन किया जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि जिला बिलासपुर सहित प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों की औसत जनसंख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है, जिसे ध्यान में रखते हुए उनके लिए आजीविका से जुड़े कौशल विकास, स्वास्थ्य संरक्षण और सामाजिक सहभागिता को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक अनुभवशील होते हैं और समाज के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं। इसी दृष्टि से अंतर-पीढ़ी सहभागिता गतिविधियों के तहत शिक्षण संस्थानों में संवाद श्रृंखलाएं आयोजित की जाएंगी, जिससे युवाओं को वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव और मार्गदर्शन का लाभ मिल सके।
उपायुक्त ने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नशे के विरुद्ध जागरूकता अभियान में वरिष्ठ नागरिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से आह्वान किया कि वह अपने अनुभवों के माध्यम से नजदीकी शिक्षण संस्थानों में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि जिला में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से आए वरिष्ठ नागरिकों के लिए खेल प्रतियोगिताएं, नित्य संगीत तथा अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताएं शामिल होंगी।
उपायुक्त ने पुलिस विभाग और बैंकिंग सेक्टर के अधिकारियों को वरिष्ठ नागरिकों के लिए सॉफ्ट स्किल, डिजिटल सहायता और डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें साइबर धोखाधड़ी से बचाव के प्रति जागरूक किया जा सके। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को वरिष्ठ नागरिकों के मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और तनाव प्रबंधन क्षमता को सुदृढ़ करने के लिए मानसिक कौशल संवर्धन कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों के लिए नेत्र परीक्षण एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन निशुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
जिला कल्याण अधिकारी रमेश बंसल ने बताया कि रेड क्रॉस के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों से अब तक 73 मोतियाबिंद रोगियों की पहचान की जा चुकी है, जिनकी सूची शीघ्र ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जानकारी दी कि मोतियाबिंद से संबंधित ऑपरेशन क्षेत्रीय अस्पताल तथा एम्स में किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त ओमकांत ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।
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