धरती माता बचाओ निगरानी समितियों के गठन बारे बैठक आयोजित
किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर उर्वरक उपयोग के लिए किया जाएगा प्रेरित
एएम नाथ। चम्बा : उपायुक्त चम्बा मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में आज धरती माता बचाओ निगरानी समिति के गठन संबंधी बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार गाँव स्तर, उपमंडल स्तर एवं जिला स्तर पर धरती माता बचाओ निगरानी समितियों का गठन किया जाना है। बैठक में समिति के गठन, उनकी भूमिकाओं एवं कार्यप्रणाली पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
उन्होंने बताया कि समिति का मुख्य कार्य पंचायत तथा सीमा क्षेत्रों में खाद की बिक्री और वितरण की निगरानी करना, किसी व्यक्ति या समूह को खाद की अत्यधिक या संदिग्ध आपूर्ति की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देना तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध तस्करी या खाद के दुरुपयोग पर सतर्क रहना है। समिति किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर रासायनिक खाद का विवेकपूर्ण उपयोग करने के लिए प्रेरित करेगी साथ ही नकली या मिलावटी खाद के उत्पादन व वितरण पर निगरानी रखते हुए इसकी सूचना उपमंडल अथवा जिला स्तर पर संबंधित अधिकारियों को देगी।
ग्राम स्तरीय धरती माता बचाओ निगरानी समिति में ग्राम प्रधान अध्यक्ष होंगे जबकि ग्राम पंचायत सचिव, कृषि सखी, ड्रोन दीदी, प्रगति शील किसान, प्राथमिक कृषि ऋण समितियां/ किसान उत्पादक संगठन, संबंधित क्षेत्र के कृषि विभाग से कोई एक अधिकारी इस समिति के सदस्य होंगे।
उन्होंने बताया कि ग्राम स्तरीय समिति रबी और खरीफ सीजन से पहले ग्राम पंचायत की मासिक बैठक आयोजित करेगी, जिसमें खादों के संतुलित उपयोग तथा मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड की सिफारिशों के आधार पर पोषक तत्व आधारित उर्वरकों के सही उपयोग पर चर्चा की जाएगी। जिला प्रशासन कम से कम 100 ऐसे गाँव/स्थानों की पहचान करेगा जहाँ रासायनिक खाद का उपयोग अत्यधिक है और इन क्षेत्रों में कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक प्रत्येक गाँव में जाकर किसानों को रासायनिक उर्वरकों के सही उपयोग के प्रति जागरूक करेगी।
समिति हर मौसम में कम से कम दो बार बैठक करके उर्वरक की खपत की समीक्षा करेगी और किसी भी अवैध उपयोग पर चर्चा करेगी। कृषि कार्यालय से खुदरा बिक्री के आंकड़े लेकर खपत में किसी भी असामान्य वृद्धि के कारणों का विश्लेषण किया जाएगा और किसानों को शिक्षित किया जाएगा।
इसी प्रकार से उपमंडल स्तर और जिला स्तर पर भी धरती माता बचाओ निगरानी समितियों का गठन किया जाएगा।
उपायुक्त नें संबंधित विभाग को सभी ज़रूरी औपचारिकताएं 15 जनवरी तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारीअमित मैहरा, डॉ. भूपिंदर सिंह उप निदेशक कृषि विभाग, डॉ. धर्मेन्द्र कुमार कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
