पट्टा मेहलोग, 3 अप्रैल (तारा) : उतर भारत के प्रसिद्ध ऐतिहासिक व धार्मिक तीर्थ स्थल जोहड़जी साहिब में मोबाइल सिगनल नहीं न होने की वजह से हजारों लोगों की परेशानियां बढ़ गई है। उपभोक्ताओं के अनुसार उनके मोबाइन फोन अब मात्र शौ पीस बन कर रह गए है।
बता दें कि बीते दो अप्रैल से यहां दो सप्ताह तक चलने वाले मेले का आगाज हो चुका है व यहां हर दिन हजारों श्रद्धालु शीश नवाने पहुंच रहे है। ऐसे में लोगों को मोबाइल सिग्नल की समस्या आड़े आ रही है। लोगों के मोबाइल होते हुए भी वे अपने परिजनों का कुशलक्षेम पूछने में असमर्थ है। जोहड़ी में मेला होने से यहां पर बाहरी राज्यों से हज़ारों श्रद्धालु आए हैं लेकिन जैसे ही इस स्थल पर पहुंचे तो संचार संपर्क कट गया है व परिजनों से बात नहीं हो पा रही है।
विडंबना यह भी है कि इस पवित्र स्थल को संचार सुविधा से जोड़ने के लिए किसी भी कंपनी ने अभी तक पहल नहीं की है। यह धार्मिक स्थल क्षेत्र की सबसे ऊंची चोटी पर स्थित है। यहां पर स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारे परिसर में हर तीसरे साल बहुत बड़ा मेला लगता है जिसमें उत्तर भारत के विभिन्न जिलों से श्रद्धालु मेलार्थी मेले में आते है। इसके अलावा हर रोज सैंकड़ो भक्त गुरुद्वारे में मत्था टेकने पहुंचते है। वर्तमान में कई मोबाइल कंपनियां गांव में टावर लगा रही है लेकिन किसी भी कंपनी ने यहां पर टावर नहीं लगाया और यही कारण है कि इस परिधि में किसी भी की कंपनी का सिगलन नहीं है।
गुरूद्वारा के सेवादार रामचंद ठाकुर ने बताया कि उन्होंने फोन तो लिया है लेकिन सिगनल न होने के कारण यह शो पीस बना हुआ है । अगर किसी को सूचना देनी होती है तो तीन किमी आगे जाने पड़ता है। पहले लैंड लाइन फोन थे लेकिन अब तारे चोरी होने से वह भी लोगों ने बंद कर दिए है।
बाड़ियां पंचायत की पूर्व प्रधान रंजना कश्यप,गोयला के पूर्व प्रधान मदन वर्मा, घ्यान के समाजसेवी सुरेंदर ठाकुर, एनएपीएस के अध्यक्ष हरदेव सैनी, पूर्व इंस्पेक्टर राम लाल ठाकुर व रमेश रघुवंशी ने बताया कि गुरुद्वारे से 2 किलोमीटर की दूरी पर बड़ेहरी गांव में एक निजी कम्पनी का टावर लगा है परंतु उसका कोई लाभ जोहड़जी में नहीं मिल रहा। क्षेत्र के लोगों ने बी एस एन एल व अन्य दूर संचार कंपनियों से यहां सर्वे कर टावर लगाने की मांग की है।
