ड्राइवर से राष्‍ट्रपति बने मादुरो का सफर : दफ्तर में सत्‍य साईं की तस्‍वीर, बाबा की मृत्‍यु पर वेनेजुएला में शोक

by

नई दिल्‍ली. शनिवार की सुबह जब काराकास के आसमान में बारूद की गंध घुली तो वेनेजुएला के लोगों को पता चला कि अमेरिकी सेना उनके राष्‍ट्रपति निकोलस मदुरो को उठाकर साथ ले गई है. निकोलस मदुरो का जीवन किसी चमत्कार से कम नहीं रहा ।

23 नवंबर 1962 को काराकास के एक साधारण परिवार में जन्मे मदुरो ने कभी कॉलेज की पढ़ाई पूरी नहीं की. उन्होंने हाई स्कूल के तुरंत बाद रोजी-रोटी के लिए काराकास की सड़कों पर बस चलाना शुरू किया. यही वह दौर था जब उन्होंने ट्रांजिट वर्कर्स यूनियन की नींव रखी. बस की स्टीयरिंग थामने वाले इन हाथों ने जल्द ही राजनीति की नब्ज पकड़ ली. क्यूबा में मिली राजनीतिक ट्रेनिंग ने उन्हें ह्यूगो चावेज का सबसे भरोसेमंद सिपाही बना दिया. चावेज के साये में रहकर मदुरो ने विदेश मंत्री और उपराष्ट्रपति तक का सफर तय किया और अंततः 2013 में वेनेजुएला के राष्ट्रपति बने।

भारत से नाता
मदुरो के व्यक्तित्व का सबसे चौंकाने वाला पहलू उनकी भारत के प्रति अगाध श्रद्धा है. वह और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस भारतीय आध्यात्मिक गुरु सत्य साईं बाबा के कट्टर अनुयायी रहे हैं. साल 2005 में मदुरो विशेष रूप से आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी स्थित प्रशांति निलयम आए थे. जमीन पर बैठकर बाबा के प्रवचन सुनते मदुरो की तस्वीरें आज भी उनकी सादगी और आस्था की गवाह हैं. उनके राष्ट्रपति कार्यालय में क्रांतिकारी नेताओं के साथ सत्य साईं बाबा की विशाल तस्वीर हमेशा प्रमुखता से लगी रहती थी. मदुरो ने न केवल खुद को शाकाहारी बनाया बल्कि वेनेजुएला में साईं संगठनों को वह आजादी दी जो किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्था को नसीब नहीं थी. 2011 में बाबा के निधन पर मदुरो के प्रभाव में वेनेजुएला ने राष्ट्रीय शोक तक घोषित किया था।

आध्यात्मिक आस्था
मदुरो का शासन रहस्यों और विरोधाभासों से भरा रहा. एक तरफ वे सुप्रीम हैप्पीनेस मंत्रालय बनाने और चावेज की आत्मा से नन्ही चिड़िया के रूप में बात करने का दावा करते थे तो दूसरी तरफ उन पर विपक्षी प्रदर्शनों को बेरहमी से कुचलने के आरोप लगे. उनके कार्यकाल में वेनेजुएला ने दुनिया की सबसे भयानक महंगाई (हाइपरइन्फ्लेशन) और दवाओं की किल्लत देखी. विपक्ष उन्हें एक ऐसा तानाशाह मानता है जिसने संसद को दरकिनार कर केवल ‘राष्ट्रपति आदेशों’ (डिक्री) से हुकूमत की. गद्दाफी और मुगाबे जैसे नेताओं से उनकी नजदीकी ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादित बनाए रखा. वर्तमान में उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने मदुरो के जिंदा होने का सबूत मांगा है. अगर ट्रंप का दावा सच है तो पुट्टपर्थी के इस भक्त के लिए अब साईं के सभी से प्रेम करो वाले उपदेशों की जगह अमेरिकी कानून की सख्त सलाखें इंतजार कर रही हैं।

 

 

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

DPRO बलबीर सिंह ने प्रेस प्रतिनिधियों के साथ की शिष्टाचार भेंटवार्ता : सूचना- संपर्क -सेवा को बनाया जाएगा और अधिक प्रभावी 

एएम नाथ। चंबा, 15 मार्च :    ज़िला लोक संपर्क अधिकारी चंबा का पदभार ग्रहण करने के पश्चात  बलबीर सिंह ने आज ज़िला मुख्यालय स्तर पर कार्यरत  प्रेस प्रतिनिधियों के साथ शिष्टाचार भेंटवार्ता की।...
article-image
हिमाचल प्रदेश

94.36 करोड़ रुपये पर सवाल :कैग रिपोर्ट में बिना बजटीय प्रावधान के किए गए खर्च

एएम नाथ। शिमला : भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान राज्य सरकार द्वारा बिना किसी बजटीय प्रावधान के 94.36 करोड़ रुपये खर्च करने पर सवाल उठाए हैं।...
article-image
पंजाब

सोम दत्त अमरोह भाजपा मंडल तलवाड़ा के उपाध्यक्ष नियुक्त

तलवाड़ा(राकेश शर्मा) : भाजपा कार्यकर्ताओं की एक बैठक मंडल अध्यक्ष तलवाड़ा विनोद कुमार मिट्ठू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य संजीव मन्हास विशेष रूप से शामिल हुए। इस...
article-image
पंजाब

Tribute Paid to Ghadar Martyr

Hoshiarpur/Daljeet Ajnoha /May 24 :  Kartar Singh Sarabha, the young Ghadar movement hero who sacrificed his life for India’s freedom at just 19, was remembered on his birth anniversary. Attendees paid homage to his...
Translate »
error: Content is protected !!