दिल्ली बम विस्फोट के दोषी भुल्लर की समय से पहले रिहाई नहीं : SRB ने केंद्र की सिफारिश को ठुकराया

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नई दिल्ली : 1993 के दिल्ली बम विस्फोट के दोषी देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर की समय से पहले रिहाई नहीं होगी। दिल्ली के सजा समीक्षा बोर्ड (एसआरबी) ने केंद्र सरकार की सिफारिश को अस्वीकार कर दिया है।

बोर्ड ने कहा कि ऐसा करने से खालिस्तान समर्थकों को बढ़ावा मिलेगा।

अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि दिल्ली के सजा समीक्षा बोर्ड (एसआरबी) ने 1993 के दिल्ली बम विस्फोट के दोषी देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर की समय से पहले रिहाई को फिर से खारिज कर दिया है। उन्होंने बताया कि एसआरबी ने पिछले दिसंबर में हुई अपनी बैठक में स्वयंभू एनएससीएन (एम) के लेफ्टिनेंट होपसन निंजन की समय से पहले रिहाई की सिफारिश की थी। निंजन को फरवरी 2009 में मणिपुर के उखरुल जिले में तीन सरकारी अधिकारियों के अपहरण और हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। उन्होंने बताया कि एसआरबी ने केंद्र सरकार की सहमति के अधीन निंजन की समय से पहले रिहाई की सिफारिश की है।

भुल्लर को 1993 में हुए विस्फोट में नौ लोगों की हत्या और 31 लोगों को घायल करने के मामले में दोषी ठहराया गया था। इस हमले में पूर्व युवा कांग्रेस प्रमुख एम एस बिट्टा जिंदा बच गए थे। अगस्त 2001 में एक विशेष टाडा कोर्ट ने भुल्लर को मौत की सजा सुनाई थी, लेकिन 2014 में उनकी मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया गया। जून 2015 में स्वास्थ्य कारणों से उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल से अमृतसर केंद्रीय जेल में ट्रांसफर कर दिया गया था।

अधिकारियों के अनुसार, 2022 में एसआरबी ने उनकी खराब स्वास्थ्य और कोमा जैसी अवस्था के बावजूद उनकी समय से पहले रिहाई के मामले को स्थगित कर दिया था। बाद में 2024 में हुई एसआरबी की बैठक में उनकी समय से पहले रिहाई को पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया गया। केंद्र सरकार ने सितंबर 2019 में गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के अवसर पर भुल्लर समेत आठ सिख कैदियों की विशेष रिहाई की सिफारिश की थी।

सूत्रों के अनुसार, एसआरबी के कुछ सदस्यों ने भुल्लर की रिहाई का विरोध किया। उनका तर्क था कि आतंकवादी के रूप में उनके कृत्य में निर्दोष लोगों की जान गई थी। ऐसे समय में जब खालिस्तान के समर्थक पंजाब के साथ-साथ विदेशों में भी फिर से जोर पकड़ रहे हैं, उन्हें रिहा करने से इन समर्थकों को और बढ़ावा मिलेगा।

एसआरबी (SRB) ने अपनी बैठक में 51 दोषियों की समय से पहले रिहाई के मामले पर विचार किया। एक आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, बोर्ड ने भुल्लर समेत 24 दोषियों की रिहाई को अस्वीकार कर दिया। दिल्ली सरकार के गृह विभाग द्वारा पिछले सप्ताह जारी एक आदेश में कहा गया है कि दिल्ली के उपराज्यपाल ने एसआरबी की सिफारिश पर 26 आजीवन कारावास के दोषियों की शेष सजा माफ कर दी है।

रिहा किए गए दोषियों में नाइजीरियाई नागरिक केनेथ चिडी ओन्येघाला भी शामिल है। उसे 2022 में दिल्ली में हत्या और डकैती के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। आदेश में कहा गया है कि ओन्येघाला को रिहाई के तुरंत बाद उसके मूल देश भेज दिया जाएगा।

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