सेवानिवृत्ति आयु विवाद पर श्रमिकों ने दी अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
एएम नाथ। चम्बा :;चंबा जिले के सुरंगानी स्थित बैरा स्यूल परियोजना में मजदूरों का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को और तेज हो गया। बैरा स्यूल प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन (सीटू) के बैनर तले आयोजित इस धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में श्रमिकों ने भाग लिया। यह प्रदर्शन कंट्रोल रूम डैम साइट तीसा में किया गया, जहां पहले कार्यरत रहे कर्मचारी दुनी चंद को 10 अप्रैल 2026 से सेवा से हटाए जाने के फैसले का विरोध किया जा रहा है।
धरने में सीटू जिला चंबा के महासचिव सुदेश ठाकुर की उपस्थिति रही, जिन्होंने इस कार्रवाई को अन्यायपूर्ण और नियमों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि दुनी चंद को 58 वर्ष की आयु का हवाला देकर सेवा से हटाया गया, जबकि परियोजना में सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष निर्धारित है।
यूनियन का तर्क है कि यह परियोजना केंद्र सरकार के उपक्रम के अंतर्गत आती है, इसलिए यहां केंद्र के श्रम कानून लागू होने चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को जोर-शोर से उठाया। यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि यह मामला केवल एक कर्मचारी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे अन्य कर्मचारियों के भविष्य पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि इस तरह के फैसले जारी रहे, तो आने वाले समय में और भी श्रमिकों को इसी तरह सेवा से हटाया जा सकता है।
यूनियन ने बताया कि इस मुद्दे को पहले भी प्रबंधन के सामने उठाया गया था और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश की गई थी, लेकिन कोई संतोषजनक परिणाम नहीं निकला। इसके चलते मजदूरों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
धरना-प्रदर्शन में धर्म चंद, लौकी ठाकुर, सुरेंद्र और सुनील सहित कई यूनियन नेताओं ने भी अपने विचार रखे और मजदूरों से एकजुट रहने की अपील की। यूनियन ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक दुनी चंद की बहाली और अन्य मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।
