देश की आज़ादी में पत्रकारों की भूमिका अहम : कुलदीप पठानिया

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एएम नाथ। शिमला, 19 फ़रवरी । भारतीय पत्रकार कल्याण मंच द्वारा बुधवार को शिमला स्थित कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय निवास में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं पत्रकार सम्मान समारोह में हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता में पत्रकारों का योगदान किसी भी स्वतंत्रता सेनानी या राजनेता से कम नहीं रहा।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों ने अपनी लेखनी के माध्यम से ब्रिटिश शासन के खिलाफ जनजागरण किया और आजादी की अलख जगाई। इस मौके पर पूर्व राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जब डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नहीं था, तब प्रिंट मीडिया ने लोगों को जागरूक करने और संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि 30 मई 1826 को ‘उदंत मार्तंड’ नामक पहला हिंदी समाचार पत्र प्रकाशित हुआ था, जिसने हिंदी पत्रकारिता की नींव रखी। इसके बाद कई पत्र-पत्रिकाओं ने देशवासियों में आजादी की चेतना जागृत करने में अहम योगदान दिया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कई प्रमुख नेताओं ने पत्रकारिता को अपना माध्यम बनाया। इनमें पंडित बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और डॉ. राजेंद्र प्रसाद जैसे नेता शामिल थे, जिन्होंने अखबारों और पत्रिकाओं के जरिए स्वतंत्रता संग्राम को आगे बढ़ाया।
उन्होंने  ने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान पत्रकारों को भी कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ब्रिटिश सरकार की दमनकारी नीतियों, संसाधनों की कमी और आर्थिक समस्याओं के बावजूद वे सत्य को प्रकाशित करने से पीछे नहीं हटे। उस दौर के पत्रकार खुद ही रिपोर्टर, लेखक, मुद्रक, संपादक और वितरक हुआ करते थे। समाचार पत्रों के प्रकाशन के लिए उन्हें कई बाधाओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन उन्होंने अपने कर्तव्य से कभी समझौता नहीं किया।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय पत्रकार कल्याण मंच के अध्यक्ष पवन अश्री ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानियां को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर पठानियां ने संगठन को अपनी ऐच्छिक निधि से 31,000 रुपये देने की घोषणा की और कार्यक्रम के सफल आयोजन की बधाई दी।
कार्यक्रम में भारतीय पत्रकार कल्याण मंच के अध्यक्ष पवन आश्री ने हिमाचल प्रदेश के पत्रकारों के लिए हरियाणा की तर्ज पर पेंशन और अन्य सुविधाएं दिए जाने की मांग रखी। इस पर विधानसभा अध्यक्ष पठानियां ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण विषय है और वे इसे मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि पत्रकारों के कल्याण के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने मंच की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन वर्षों से पत्रकारों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए कार्य कर रहा है।
इस संगोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकारों, लेखकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और स्वतंत्रता संग्राम में पत्रकारिता के महत्व पर विचार-विमर्श किया।
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