नई दिल्ली विधानसभा सीट पर फंसते नजर आ रहे केजरीवाल :मदद से राहुल गांधी ने किया इनकार

by
नई दिल्ली :  आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल भले ही एक बार फिर से दिल्ली का मुख्यमंत्री बनने के लिए चुनाव लड़ रहे हो लेकिन इस बार वह बुरी तरह से फंसते नजर आ रहे हैं। कांग्रेस के मजबूती से दिल्ली में विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारियों ने तो आम आदमी पार्टी सरकार की वापसी पर प्रश्नचिन्ह लगा ही दिया है लेकिन इस त्रिकोणीय लड़ाई में केजरीवाल की अपनी सीट भी फंसती हुई नजर आ रही है।
अरविंद केजरीवाल इस बात को काफी पहले ही समझ गए थे, इसलिए वह लगातार इंडिया गठबंधन की एकता की बात उठाने लग गए थे। यहां तक कि केजरीवाल ने डीएमके सुप्रीमो एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, शरद पवार, अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित कई नेताओं से राहुल गांधी को समझाने की गुहार भी लगाई। लेकिन अरविंद केजरीवाल की असलियत से वाकिफ राहुल गांधी ने यह साफ कर दिया कि कांग्रेस पार्टी दिल्ली में अपने आप को मजबूत करने के लिए चुनाव लड़ेगी। सीलमपुर की अपनी पहली चुनावी रैली में राहुल गांधी ने जिस अंदाज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ आप मुखिया अरविंद केजरीवाल, पर भी जमकर निशाना साधा,उससे यह साफ हो गया कि राहुल गांधी अपनी पार्टी को समाप्त कर केजरीवाल की मदद कतई नहीं करेंगे।
कांग्रेस के इस स्टैंड ने अरविंद केजरीवाल की विधायकी पर भी तलवार लटका दिया है। केजरीवाल को अब यह डर सताने लगा है कि अब वह अपनी विधानसभा सीट ‘नई दिल्ली’ से भी चुनाव हार सकते हैं। केजरीवाल के इस डर के पीछे ठोस कारण है। अरविंद केजरीवाल वर्ष 2013 के अपने पहले विधानसभा चुनाव में दिल्ली की तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को नई दिल्ली विधानसभा सीट से चुनाव हराकर, पहले विधायक बने थे और फिर कांग्रेस के ही 8 विधायकों के समर्थन से पहली बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने थे। बताया तो यहां तक जाता है कि 2013 में शीला दीक्षित को चुनाव हराने के लिए कांग्रेस के कई नेताओं ने भी अरविंद केजरीवाल की मदद की थी। लेकिन दिल्ली में पार्टी को फिर से मजबूत बनाने के मिशन में जुटे राहुल गांधी ने इस बार नई दिल्ली विधानसभा सीट से केजरीवाल के खिलाफ स्वर्गीय शीला दीक्षित के बेटे और पूर्व सांसद संदीप दीक्षित को उतार कर लड़ाई को त्रिकोणीय और दिलचस्प बना दिया है।
अगर आप 2020 के विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल को मिले वोटों की तुलना 2015 के विधानसभा चुनाव से करेंगे तो आपको यह समझ आ जाएगा कि केजरीवाल को अपनी ही विधानसभा सीट पर डर क्यों लग रहा है ? वर्ष 2015 में हुए विधानसभा चुनाव में आप मुखिया अरविंद केजरीवाल को 57,213 वोट मिले थे। लेकिन वर्ष 2020 में हुए विधानसभा चुनाव में दिल्ली के मुख्यमंत्री होने और कुल मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी होने के बावजूद केजरीवाल को मिले वोटों में भयानक गिरावट आ गई थी। 2015 के चुनाव में जिन केजरीवाल को 57,213 वोट मिले थे, उन्ही केजरीवाल को 2020 के चुनाव में 46,758 वोट ही मिल पाए थे। पिछली बार यानी 2020 के विधानसभा चुनाव में केजरीवाल की जीत का अंतर 21,697 था लेकिन उस चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार को सिर्फ 3,220 मत ही मिल पाए थे। इस बार शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं और अगर वह आखिर तक पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ पाते हैं तो फिर केजरीवाल के लिए मुसीबतें खड़ी हो जाएगी। क्योंकि इस बार दिल्ली के एक और पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे प्रवेश वर्मा भी नई दिल्ली से चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा उम्मीदवार के तौर पर प्रवेश वर्मा और कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर संदीप दीक्षित के मजबूती से चुनाव लड़ने की वजह से वोटों का बिखराव होगा,जिसका सीधा-सीधा नुकसान अरविंद केजरीवाल को ही होगा। इसलिए आम आदमी पार्टी के तमाम नेता और स्वयं अरविंद केजरीवाल भी अंदर से डरे हुए हैं।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

युवती निर्वस्त्र हाल में गांव पहुंची तो लोगों का दरवाजा पीटा : ग्रामीणों ने उसे कपड़े दिए और पुलिस – आरोपी  अरेस्ट को दी सूचना

गोरखपुर में सनसनीखेज घटना सामने आई है. यहां सहजनवां थाना क्षेत्र के रानूखोर गांव के पास आजमगढ़ की एक युवती से गैंगरेप किया गया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी युवती को बेसुध...
article-image
पंजाब , हिमाचल प्रदेश

गांव डल्लेवाल में सिद्ध बाबा भरथरी मंदिर में संत ढांगू वाले चैरिटेबल हॉस्पिटल जख्खेवाल द्वारा लगाए मुफ्त मेडिकल कैंप में 120 मरीजों का किया चेकअप

गढ़शंकर। संत ढांगू वाले चैरिटेबल हॉस्पिटल जख्खेवाल द्वारा गांव डल्लेवाल में सिद्ध बाबा भरथरी मंदिर में मुफ्त मेडिकल कैंप लगाया। जिसमें डॉ. सुमेघ शर्मा एमडी मेडिसिन की अगुआई में डॉक्टरों व अन्य स्टाफ ने...
article-image
पंजाब

चूक नहीं, चौका मारना है, रवनीत बिट्टू के हाथ बीजेपी ने खोले, कांग्रेस की नाक में दम करने का दिया टास्क

चंडीगढ़ : पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए हैं। बीजेपी की नजर सिख जाट वोटरों पर भी है। पहले सरदार केवल सिंह ढिल्लों को बीजेपी...
article-image
पंजाब

प्रधान मंत्री को सोच के चलते तेजी से तरक्की की ओर बढ़ रहा है भारत: केन्द्री मंत्री सोम प्रकाश

विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान प्रधान मंत्री के संबोधन में हुए शामिल – लोगों को देश के विकास के लिए मिलकर काम करने का किया आह्वान टांडा, होशियारपुर, 9 दिसंबर: केंद्रीय वाणिज्य एवं...
Translate »
error: Content is protected !!