बठिंडा : बठिंडा के एक निजी अस्पताल में नवजात शिशु की कथित अदला-बदली के मामले में पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दो माह पहले सामने आए इस मामले में अब सच्चाई सामने लाने के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा।
पुलिस प्रशासन द्वारा परिवार को सौंपी गई नवजात बच्ची और उसके परिजनों का डीएनए परीक्षण शनिवार को बठिंडा के सिविल अस्पताल में किया जाएगा। सिविल लाइंस थाना पुलिस के अनुसार यह मामला बठिंडा के स्टेडियम रोड स्थित सिटी अस्पताल से जुड़ा है।
हरियाणा के गांव जोगेवाला निवासी शिवराज सिंह ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि उसकी पत्नी जीतू कौर ने 13 अक्टूबर 2025 को उक्त निजी अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। डॉक्टरों ने परिजनों को बताया था कि नवजात लड़का है। कुछ समय बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर उसे बजाज अस्पताल रेफर कर दिया गया।
दस्तावेजों में बताया गया बेटी हुई
परिजनों का आरोप है कि जब बच्चे को बजाज अस्पताल ले जाया गया, तब वहां भरे गए दस्तावेजों में बच्चे को लड़की दर्शाया गया, जबकि पहले अस्पताल के रिकॉर्ड में बच्चा लड़का बताया गया था। इसके अलावा दोनों अस्पतालों के रिकॉर्ड में बच्चे के वजन को लेकर भी अंतर पाया गया, जिससे परिजनों का संदेह और गहरा हो गया।
शिवराज सिंह ने आरोप लगाया कि निजी अस्पताल की महिला डॉक्टर ने लालच में आकर उनके नवजात बेटे की अदला-बदली कर दी। इसी आधार पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
रिपोर्ट के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस संवेदनशील मामले में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वैज्ञानिक साक्ष्यों का इंतजार किया जाएगा। डीएनए टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि परिवार को सौंपी गई बच्ची जैविक रूप से उन्हीं की संतान है या नहीं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और अस्पताल से संबंधित रिकॉर्ड, स्टाफ की भूमिका और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
