चंडीगढ़। निवेश के नाम ठगी का शिकार हुए लोग मंगलवार को पंजाब के पुलिस महानिदेशक के पास न्याय की गुहार लगाने पहुंचे। उन्होंने पटियाला निवासी नवदीप कौर उर्फ निशा रानी और उसके गैंग पर साइबर ठगी, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र का आरोप लगाए हैं।
डीजीपी ने डीजीपी ने ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन को इन्क्वारी मार्क कर दी है।
चंडीगढ़ के सेक्टर-9 स्थित पंजाब पुलिस मुख्यालय के पास 16 से अधिक पीड़ित एकजुट हुए। उन्होंने बताया कि असली नाम निशा रानी, पर खुद को नवदीप कौर बताकर पहचान छिपाई। नवदीप कौर और उसके गैंग ने सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम, वॉट्सएप) के जरिये निवेश के लिए फंसाया। खासकर गृहणियों को झांसे में लिया। शुरुआत में छोटे-छोटे रिटर्न देकर भरोसा जीता। बाद में करोड़ों रुपये हड़प लिए। ठगे गए पैसों से लग्जरी लाइफ जीने के लिए प्रॉपर्टी और गाड़ियां खरीदी।
पीड़ितों ने मांग की है कि इस मामले जांच के लिए विशेष जांच दल (एआईटी) गठित की जाए। ठगी करने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया जाए और ठगी से खरीदी गई संपत्तियां और बैंक खाते सीज किए जाएं। पीड़ितों ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस ने तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं की तो यह गैंग और लोगों को बर्बाद कर सकता है।
इन पर लगे हैं ठगी के आरोप :
नवदीप कौर उर्फ निशा रानी (मास्टरमाइंड, पटियाला), वीरपाल कौर (मलोट), मनजींदर कौर संधू (गुरदासपुर), हरजीत कौर, परमजीत कौर (गंगा नगर), अमनदीप कौर तूर (मुल्लांपुर), मनप्रीत कौर बराड़ (लुधियाना), मंजित कौर (तरण तारण), हरप्रीत कौर सैनी व रंजीत सिंह (पति)l
