नशा मुक्त भारत के लिए जनआंदोलन जरूरी: जय राम ठाकुर
रोजगार और अंतरराज्यीय समन्वय से नशे पर लगेगी लगाम: जय राम ठाकुर
एएम नाथ। नंगल/श्री आनंदपुर साहिब/गढ़शंकर : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने गुरुवार को पंजाब के नंगल, श्री आनंदपुर साहिब और गढ़शंकर में आयोजित नशा विरोधी यात्राओं में हिस्सा लिया और जनसभाओं को संबोधित किया। उन्होंने श्री आनंदपुर साहिब स्थित पवित्र गुरुद्वारे में माथा टेककर अरदास की तथा देशवासियों के मंगल की कामना की।
जय राम ठाकुर ने कहा कि नशे के खिलाफ अब निर्णायक लड़ाई का समय है और इसे जनआंदोलन का रूप देकर ही प्रभावी सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नशा मुक्त भारत के संकल्प से जुड़ने और इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2029 तक नशा मुक्त भारत का संकल्प लिया है। जिस तरह केंद्र सरकार के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई हुई है, उसी तरह नशे के खिलाफ भी प्रभावी अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज को इसमें भूमिका निभानी होगी। पंजाब में नशा विरोधी यात्राओं में लोगों की भागीदारी को उन्होंने नशे के खिलाफ जनसमर्थन का संकेत बताया।
नेता प्रतिपक्ष ने पंजाब सरकार पर युवाओं को पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर बढ़ने से युवाओं को नशे से दूर रखने में मदद मिलेगी। उनके अनुसार पंजाब में विकास और रोजगार को गति देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।
जय राम ठाकुर ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि हिमाचल की जेलों में नशे की तस्करी से जुड़े मामलों में अन्य राज्यों के आरोपी भी पाए गए थे। इसके बाद पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली की सरकारों के साथ मिलकर संयुक्त टीमें गठित की गई थीं। उन्होंने कहा कि अंतरराज्यीय समन्वय, तस्करों पर कठोर कार्रवाई, रोजगार और समाज की सक्रिय भागीदारी से नशे के खिलाफ अभियान को मजबूती दी जा सकती है। इस दौरान उनके साथ भाजपा के हिमाचल प्रदेश के पूर्व प्रभारी व पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना भी साथ थे।
