मंडी गोबिंदगढ़ : गोबिंदगढ़ पब्लिक स्कूल के लापता छात्र इशान अहमद का शव समाना-पातड़ां नहर से बरामद कर लिया गया है। 15 जुलाई से लापता इस छात्र की मौत की खबर से परिवार और पूरे इलाके में शोक की लहर है।
इस दुखद घटना से जुड़े मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
घटनाक्रम और बरामदगी
- लापता होने की तारीख: छात्र 15 जुलाई की सुबह मोटरसाइकिल से स्कूल के लिए निकला था, लेकिन वहां नहीं पहुंचा।
- अंतिम लोकेशन: उसकी आखिरी लोकेशन फतेहगढ़ साहिब के गांव फिरोजपुर के पास भाखड़ा नहर के नजदीक मिली थी।
- मोटरसाइकिल की बरामदगी: 17 जुलाई को पुलिस ने छात्र की लावारिस मोटरसाइकिल भाखड़ा नहर के पास से बरामद की थी।
- शव की पहचान: सोशल मीडिया पर गोताखोरों द्वारा शव मिलने की सूचना के बाद, पिता नईम अहमद ने तस्वीरों के जरिए अपने बेटे की पहचान की।
जांच और आगे की कार्रवाई
- पिता की मांग: पिता नईम अहमद ने पुलिस से हर पहलू पर निष्पक्ष और गहन जांच करने तथा सच सामने लाने की अपील की है।
- पुलिस कार्रवाई: थाना मंडी गोबिंदगढ़ के एसएचओ संदीप सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है।
- पोस्टमार्टम: मौत के असली कारणों का पता लगाने के लिए शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट के बाद ही स्थिति साफ होगी।
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पुलिस रिपोर्ट और जांच के मुख्य बिंदु
- फॉरेंसिक और पोस्टमार्टम का इंतजार: थाना मंडी गोबिंदगढ़ के एसएचओ संदीप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम शव का पोस्टमार्टम करवा रही है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, मौत के वास्तविक कारणों (जैसे डूबना या कोई अन्य साजिश) का खुलासा शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच के बाद ही हो सकेगा।
- रूट ट्रैकिंग और कॉल डिटेल्स: पुलिस इशान के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स (CDR) और फतेहगढ़ साहिब के गांव फिरोजपुर से लेकर समाना-पातड़ां नहर तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह साफ हो सके कि वह वहां अकेला गया था या उसके साथ कोई और भी था।
- लावारिस मोटरसाइकिल की जांच: 17 जुलाई को नहर के पास मिले मोटरसाइकिल की फॉरेंसिक टीम द्वारा जांच की गई है ताकि किसी अन्य व्यक्ति के उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स) आदि का पता लगाया जा सके।
- नहरों के किनारे सुरक्षा बढ़ाने की मांग: इस दुखद घटना के बाद स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने पंजाब सरकार और स्थानीय प्रशासन से भाखड़ा व अन्य मुख्य नहरों के किनारे सुरक्षा दीवार (फेंसिंग) लगाने और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।
- गोताखोरों का नेटवर्क: समाना और पातड़ां इलाके के गोताखोरों को पुलिस ने अलर्ट पर रखा हुआ है, क्योंकि इस बेल्ट में नहरों का बहाव तेज होने के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं।
. कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई :
धारा 174 के तहत कार्रवाई: फिलहाल पुलिस ने इस मामले में सीआरपीसी की धारा 174 (अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत संबंधित धारा) के तहत केवल संदिग्ध मौत की शुरुआती कार्रवाई शुरू की है। परिजनों के बयानों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अगर कोई संदिग्ध बात सामने आती है, तो इसे हत्या या उकसाने के मामले में बदला जा सकता है।
