दिल की मुख्य धमनी में खून का थक्का जमने से रुका रक्त प्रवाह; गोवा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने मौत को प्राकृतिक बताया
नई दिल्ली, 11 अक्टूबर। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आ गई है। 8 अक्टूबर को गोवा स्थित अपने आवास पर तबीयत बिगड़ने के बाद 75 वर्षीय अभिनेता को अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मौत कोरोनरी आर्टरी डिजीज (CAD) के कारण आए गंभीर हार्ट अटैक से हुई। डॉक्टरों ने इसे प्राकृतिक मौत बताया है।
दिल की मुख्य धमनी में जम गया था खून का थक्का
रिपोर्ट के मुताबिक, नाना पाटेकर की दिल की मुख्य धमनी में रक्त का थक्का जमने से हृदय के बड़े हिस्से तक खून की आपूर्ति बाधित हो गई थी। इससे उन्हें तीव्र हार्ट अटैक आया, जिसके बाद कार्डियक अरेस्ट हुआ। कार्डियक अरेस्ट में दिल शरीर में प्रभावी ढंग से रक्त पंप करना बंद कर देता है।
रात 2:30 बजे दोस्त को भेजा था संदेश
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नाना पाटेकर ने 8 अक्टूबर की रात करीब 2:30 बजे अपने करीबी दोस्त अमेय नाइक को व्हाट्सऐप संदेश भेजकर तबीयत खराब होने की जानकारी दी थी। दोस्त ने बाद में संदेश देखा और अभिनेता से संपर्क करने की कोशिश की। इसके बाद वह उनके डोना पाउला स्थित आवास पर पहुंचे, जहां नाना पाटेकर बेहोश मिले।
अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित किया
दोस्त ने सुरक्षा गार्ड की मदद से आपातकालीन चिकित्सा सहायता की व्यवस्था की। अभिनेता को मणिपाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी मौत की परिस्थितियों की जांच के लिए गोवा पुलिस ने मेडिको-लीगल प्रक्रिया के तहत मामला दर्ज किया था और पोस्टमार्टम कराया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हुआ है। नाना पाटेकर अपने दमदार अभिनय और विशिष्ट संवाद अदायगी के लिए हिंदी और मराठी सिनेमा में खास पहचान रखते थे। उनके निधन से फिल्म जगत और प्रशंसकों में शोक की लहर है।
