पंजाब। सोशल मीडिया पर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले निहंग हरजीत सिंह रसूलपुर पर एक महिला ने दुष्कर्म सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सोशल वर्कर रूप कौर के साथ पहुंची महिला ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से मामले में हस्तक्षेप कर पंथक कार्रवाई करने की मांग की है। दूसरी ओर, रसूलपुर ने आरोपों को निराधार बताते हुए दावा किया है कि यह 2021 का पुराना मामला है और जांच के बाद उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द हो चुकी है। दोनों पक्षों के दावों के बीच मामले से जुड़े तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि महत्वपूर्ण है।
पीजीआई में इलाज के दौरान संपर्क में आने का दावा
पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2021 में लॉकडाउन खुलने के बाद वह इलाज के लिए चंडीगढ़ स्थित पीजीआई गई थी। वहां कथित तौर पर अरदास टीवी की लंगर गाड़ी लगी हुई थी। महिला का दावा है कि वहां मौजूद सेवादारों ने उसके पति को रसूलपुर के बारे में बताया, जिसके बाद उसका परिवार उनसे जुड़ गया और लंगर सेवा में सहयोग करने लगा।
महिला ने आरोप लगाया कि 13 अप्रैल को बैसाखी के अवसर पर रसूलपुर ने उसे विशेष सेवा के बहाने चंडीगढ़ के खुड्डा लाहौरा इलाके में एक स्थान पर बुलाया। पीड़िता के मुताबिक, वहां उसे चाबी देकर एक कमरे का ताला खोलने के लिए कहा गया और इसके बाद उसके साथ जबरदस्ती की गई।
विरोध करने पर धमकाने का आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर रसूलपुर ने कृपाण दिखाकर डराया और बंदूक का भय दिखाते हुए उसके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। महिला के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस, जजों और वकीलों तक अपनी पहुंच होने की बात भी कही थी। ये सभी आरोप पीड़िता की ओर से लगाए गए हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
शिकायत वापस लेने के लिए दबाव डालने का दावा
महिला ने दावा किया कि पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने के बाद उस पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। उसके अनुसार, कथावाचक बलदेव औगरा ने कथित तौर पर दो लाख रुपये देने और उसके बच्चों को विदेश भेजने की पेशकश करते हुए शिकायत वापस लेने के लिए कहा।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत वापस लेने से इनकार करने के बाद उसकी निजी पारिवारिक तस्वीरों को कथित तौर पर संपादित करके फेसबुक पर पोस्ट किया गया। महिला के मुताबिक, इस मामले में साइबर क्राइम थाने में अलग से एफआईआर दर्ज करवाई गई है।
रूप कौर ने की पंथक कार्रवाई की मांग
पीड़िता के साथ आई सोशल वर्कर रूप कौर ने कहा कि ऐसे आरोपों से निहंग परंपरा और सिख पंथ की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से मामले का संज्ञान लेने, रसूलपुर का निहंग बाणा उतरवाने और पंथक स्तर पर कार्रवाई करने की मांग की। रूप कौर ने यह दावा भी किया कि उनके संपर्क में अन्य महिलाएं भी हैं, जो आगे सामने आ सकती हैं।
रसूलपुर बोले—मामला पुराना, एफआईआर हो चुकी है रद्द
इन आरोपों के जवाब में हरजीत सिंह रसूलपुर ने वीडियो जारी कर कहा कि मामला वर्ष 2021 का है और पुलिस तथा अदालत की प्रक्रिया से गुजर चुका है। उनका दावा है कि जांच के बाद उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी गई थी। उन्होंने रूप कौर पर पुराने मामले को दोबारा उठाकर सोशल मीडिया पर चर्चा हासिल करने और उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया। रसूलपुर ने रूप कौर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात भी कही।
रसूलपुर ने यह भी कहा कि सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर अपनी आवाज उठाने के कारण उन्हें विभिन्न एजेंसियों, कट्टरपंथियों और गैंगस्टरों से खतरा है।
मामले में अहम पहलू: पीड़िता के आरोपों और रसूलपुर के जवाब के बीच एफआईआर, उसे रद्द किए जाने के आदेश तथा संबंधित पुलिस और अदालती रिकॉर्ड की पुष्टि जरूरी है। केवल किसी पक्ष के दावे के आधार पर आरोपों को सिद्ध या पूरी तरह खारिज नहीं माना जा सकता।
