चंडीगढ़, 27 सितंबर। पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने जिला संगठन को लेकर सीधे फीडबैक लेने की प्रक्रिया शुरू की है। पायलट जिला कांग्रेस प्रधानों के साथ दिल्ली में बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों में जिला संगठन की स्थिति, विधानसभा हलका इंचार्जों की सक्रियता, नेताओं-कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों की जानकारी ली जा रही है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, पायलट जिला प्रधानों को एक साथ बड़ी संख्या में बुलाने के बजाय 4-4 के समूह में बैठकें कर रहे हैं। जिला स्तर के संगठन से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर हाईकमान को रिपोर्ट दिए जाने की बात कही जा रही है।
जिला संगठन और हलका स्तर की स्थिति पर जानकारी
बैठकों में यह जानकारी ली जा रही है कि संबंधित जिलों में कांग्रेस का संगठन कितना सक्रिय है, विधानसभा क्षेत्रों में हलका इंचार्ज किस तरह काम कर रहे हैं और स्थानीय नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल की स्थिति क्या है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, पायलट ने नेताओं से संगठन के फैसलों के अनुसार काम करने और व्यक्तिगत स्तर की खेमेबाजी से बचने का संदेश भी दिया है। संगठनात्मक अनुशासन को लेकर भी पार्टी स्तर पर चर्चा हुई है।
पायलट ने 5 सितंबर को संभाली पंजाब की जिम्मेदारी
कांग्रेस हाईकमान ने 5 सितंबर 2026 को सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी नियुक्त किया था। उन्होंने भूपेश बघेल की जगह यह जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद पायलट ने पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें शुरू कीं और संगठन को लेकर फीडबैक लिया।
15 सितंबर को चंडीगढ़ में पायलट की मौजूदगी में राजा वड़िंग, चरणजीत सिंह चन्नी और अन्य वरिष्ठ नेता एक मंच पर नजर आए थे। इस दौरान 2027 का विधानसभा चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ने और मुख्यमंत्री पद का चेहरा पहले से घोषित नहीं करने की बात सामने आई थी।
वड़िंग प्रदेश प्रधान, चन्नी कैंपेन कमेटी के चेयरमैन
फिलहाल अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर सांसद चरणजीत सिंह चन्नी कैंपेन कमेटी के चेयरमैन हैं। दोनों नेताओं की संगठन में भूमिका को लेकर पिछले कुछ समय से पार्टी के भीतर चर्चा होती रही है।
कुछ वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की ओर से वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की मांग भी सामने आई थी। पार्टी के अलग-अलग कार्यक्रमों में नेताओं की मौजूदगी और अनुपस्थिति को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं होती रही हैं।
अब जमीनी संगठन पर हाईकमान की नजर
जिला प्रधानों के साथ सीधे संवाद की प्रक्रिया को कांग्रेस के जमीनी संगठन का आकलन करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। जिला स्तर से मिलने वाले फीडबैक में संगठन की सक्रियता, स्थानीय तालमेल और चुनावी तैयारियों से जुड़े मुद्दों को शामिल किया जा रहा है।
आगे की संगठनात्मक रणनीति जिला स्तर से मिलने वाली रिपोर्ट और हाईकमान के फैसलों के आधार पर तय होगी।
