पंजाब के किसानों के लिए बड़ी राहत,सीमा पर फेंसिंग स्थानांतरित करने की सहमति…किसान अब बिना किसी रुकावट के हजारों एकड़ भूमि पर खेती कर सकेंगे : मुख्यमंत्री मान

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नई दिल्ली: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को सीमा क्षेत्र के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित बॉर्डर सिक्योरिटी फेंसिंग को स्थानांतरित करने पर सहमति दी है। इससे किसानों को फेंसिंग के पार फंसी हजारों एकड़ कृषि भूमि पर बिना किसी बाधा के खेती करने का अवसर मिलेगा।

केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात

मुख्यमंत्री ने यह जानकारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद दी। उन्होंने कहा कि पंजाब की 532 किलोमीटर लंबी भारत-पाकिस्तान सीमा पर कई स्थानों पर फेंसिंग राज्य की जमीन के भीतर स्थित है, जिससे किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसान अपनी ही भूमि पर खेती करने के लिए पहचान पत्र दिखाकर और बीएसएफ की निगरानी में रोजाना सीमा पार करने को मजबूर थे।

अन्य लंबित मुद्दे

मुख्यमंत्री मान ने बैठक के दौरान कई अन्य लंबित मुद्दों को भी उठाया, जिनमें प्रस्तावित सीड्स बिल 2025, सतलुज-यमुना लिंक नहर विवाद, खाद्यान्न की धीमी उठान, आढ़ती कमीशन का फ्रीज होना, ग्रामीण विकास फंड और मंडी फंड का भुगतान न होना शामिल हैं। उन्होंने इन सभी मुद्दों के समाधान की मांग की।

सीड्स बिल पर आपत्ति

सीड्स बिल 2025 पर गंभीर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब एक कृषि प्रधान राज्य है, लेकिन मसौदा कानून में राज्य को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह कानून राज्य स्तरीय बीज समिति की शक्तियों को सीमित करता है और खराब बीज के कारण किसानों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा व्यवस्था का अभाव है।

जल विवाद और खाद्यान्न उठान

मुख्यमंत्री ने नदी जल विवाद पर पंजाब का पक्ष दोहराते हुए कहा कि राज्य के पास किसी अन्य राज्य को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है। उन्होंने खाद्यान्न उठान की समस्या पर भी चिंता जताई, जिसमें एफसीआई द्वारा अपेक्षा से कम गेहूं और चावल की उठान की जा रही है।

आढ़ती कमीशन और ग्रामीण विकास

आढ़ती कमीशन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2019-20 के बाद से कमीशन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। ग्रामीण विकास फंड और मंडी शुल्क के भुगतान न होने पर उन्होंने बताया कि हजारों करोड़ रुपये की राशि लंबित है, जिससे ग्रामीण सड़कों और मंडियों के विकास पर बुरा असर पड़ रहा है।

फेंसिंग का स्थानांतरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार फेंसिंग शून्य रेखा से 150 मीटर के भीतर होनी चाहिए, लेकिन पंजाब में कई जगह यह दो से तीन किलोमीटर अंदर है। यदि फेंसिंग को सीमा के करीब किया जाता है, तो हजारों एकड़ भारतीय भूमि किसानों के लिए फिर से सुलभ हो जाएगी।

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