चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 8 प्रतिशत बढ़ोतरी करने पर सहमति जताई है। इसके बाद कर्मचारियों का कुल DA बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाएगा। यह फैसला शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान और कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में लिया गया।
सरकार के अनुसार, बढ़ा हुआ DA दो किस्तों में 4-4 प्रतिशत दिया जाएगा। इससे सरकारी खजाने पर करीब 248 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक बोझ पड़ने का अनुमान है। बैठक के बाद मंत्री अमन अरोड़ा ने कर्मचारी नेताओं के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बढ़ा हुआ DA अक्टूबर से लागू किया जाएगा।
अमन अरोड़ा ने कहा कि सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया है। करीब दो सप्ताह बाद मुख्यमंत्री के साथ दोबारा बैठक होगी। उन्होंने कहा कि DA के अलावा कर्मचारियों से जुड़े विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने पर भी सहमति बनी है। कई मामले अदालतों में लंबित हैं और सरकार उन्हें संवाद के माध्यम से हल करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
इन मांगों पर भी हुई चर्चा
कर्मचारी यूनियनों ने 17 जुलाई 2020 के बाद केंद्रीय वेतनमान पर भर्ती कर्मचारियों को पंजाब का वेतनमान देने की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कराने की बात कही। प्रोबेशन अवधि में 17 हजार और 19 हजार रुपये वेतन की व्यवस्था की समीक्षा का मुद्दा भी बैठक में उठा।
यूनियनों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू करने, हर महीने काटे जाने वाले 200 रुपये प्रोफेशनल टैक्स को समाप्त करने और कच्चे कर्मचारियों को बेसिक वेतन के साथ संबंधित भत्ते देने की मांग की।
इसके अलावा कंप्यूटर अध्यापकों को नियमित करने के बाद संबंधित विभाग में शामिल करने और मिड-डे मील वर्करों के वेतन में बढ़ोतरी की मांग भी रखी गई। यूनियन नेताओं के मुताबिक, सरकार ने इन मुद्दों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
सांझा मुलाजिम फ्रंट के कनवीनर सतीश राणा ने कहा कि DA का मामला अदालत में भी चल रहा है। सरकार की ओर से 8 प्रतिशत DA देने पर सहमति बनी है और कर्मचारियों को सरकार की ओर से जो मिलेगा, उसे स्वीकार किया जाएगा। अन्य मांगों से जुड़े मामले अदालत में जारी रहेंगे। यूनियन नेताओं के अनुसार, मुख्यमंत्री के साथ अगली बैठक अक्टूबर के पहले सप्ताह में हो सकती है।
