चंडीगढ़ : कर्नल पुष्पेंद्र सिंह बाथ केस में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुवार को चंडीगढ़ पुलिस को मामले की जांच करने के निर्देश दिए। चंडीगढ़ पुलिस को यह जांच चार हफ्तों में पूरी करनी होगी।
जस्टिस हरप्रीत सिंह बरार ने चंडीगढ़ पुलिस को तीन दिन के अंदर SIT बनाने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए पंजाब पुलिस का कोई भी अधिकारी SIT का हिस्सा नहीं होना चाहिए।
क्या है मामला?
कर्नल पुष्पेंद्र सिंह बाथ इस समय दिल्ली में तैनात हैं। उन्होंने पिछले हफ्ते पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनपर हुए कथित हमले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की। कर्नल ने अपनी याचिका में कहा कि पंजाब पुलिस ने FIR दर्ज करने में देर की।
हाईकोर्ट में 28 मार्च को मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस संदीप मौदगिल ने पंजाब पुलिस द्वारा मामले को संभालने के तरीके पर कड़ी आपत्ति जताई थी। कोर्ट ने पटियाला के एसएसपी नानक सिंह द्वारा प्रस्तुत एफिडेविट में विरोधाभासों को नोट करते हुए कहा था कि यह “स्वयं-विरोधाभासी, अस्पष्ट और महत्वपूर्ण जानकारी को छिपाने का प्रयास है।
इसके अलावा, कोर्ट ने ढाबे से प्राप्त CCTV DVR की जांच न करने के लिए पुलिस की आलोचना की थी, जिसमें कहा गया था कि इसकी देरी से की गई फोरेंसिक जांच “न सिर्फ संबंधित पक्षों के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है।” इस मामले में पंजाब सरकार ने निष्पक्ष जांच करने के लिए 15-20 दिन का समय मांगा था। इस पर कोर्ट ने उसे दो अप्रैल तक विशिष्ट प्रश्नों का उत्तर देते हुए एक विस्तृत हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था।