गृह विभाग ने 21 अक्टूबर को जारी की अधिसूचना; आइजीपी रैंक के अधिकारी की तैनाती नहीं होने वाली पुलिस इकाइयों में भी तय होगा अधिकृत अधिकारियों का अधिकार क्षेत्र
चंडीगढ़, 23 अक्टूबर। पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विशेष रूप से अधिकृत किया है। गृह विभाग की ओर से 21 अक्टूबर को जारी अधिसूचना के तहत पुलिस कमिश्नरों, पुलिस रेंज के प्रभारियों और छह अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निर्धारित अधिकार क्षेत्र में संबंधित कानून के तहत विशेष शक्तियों के इस्तेमाल के लिए अधिकृत किया गया है।
सरकार ने यह कदम अवैध नशीले पदार्थों और मन:प्रभावी पदार्थों की तस्करी की रोकथाम अधिनियम, 1988 की धारा 3(1) के तहत उठाया है। अधिसूचना के अनुसार, जिन पुलिस कमिश्नरेट, रेंज और मुख्यालय इकाइयों में आइजीपी रैंक का अधिकारी तैनात नहीं है, वहां छह नामित वरिष्ठ अधिकारियों को अधिकृत किया गया है। इन अधिकारियों का वास्तविक क्षेत्राधिकार डीजीपी पंजाब प्रशासनिक स्तर पर निर्धारित करेंगे।
छह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नाम अधिसूचना में शामिल
राज्य सरकार की अधिसूचना में निम्नलिखित छह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है—
- डीजीपी ट्रैफिक एएस राय
- एडीजीपी गौतम चीमा
- एडीजीपी इंटरनल सिक्योरिटी शिव वर्मा
- एडीजीपी सिक्योरिटी कौस्तुभ शर्मा
- एडीजीपी इंटरनल विजिलेंस सेल नौनिहाल सिंह
- आइजीपी प्रोविजनिंग एस. भूपति
इन अधिकारियों को उन पुलिस कमिश्नरेट, रेंज और मुख्यालय इकाइयों के लिए अधिकृत किया गया है, जहां आइजीपी रैंक का अधिकारी उपलब्ध नहीं है। संबंधित इकाइयों के संबंध में इनके अधिकार क्षेत्र का निर्धारण डीजीपी पंजाब करेंगे।
पुलिस कमिश्नर और रेंज प्रभारी भी होंगे अधिकृत
अधिसूचना के मुताबिक, आइजीपी रैंक या उससे ऊपर के पुलिस कमिश्नर अपने संबंधित कमिश्नरेट के क्षेत्र में तथा पुलिस रेंज का प्रभार संभाल रहे आइजीपी या उससे ऊपर के अधिकारी अपनी निर्धारित रेंज में इन शक्तियों का इस्तेमाल कर सकेंगे।
इस व्यवस्था के तहत संबंधित पुलिस इकाइयों में अधिकृत अधिकारियों की जिम्मेदारी और अधिकार क्षेत्र निर्धारित करने का प्रावधान किया गया है। हालांकि, अधिसूचना में किसी विशेष नशा विरोधी अभियान, गिरफ्तारियों के लक्ष्य या कार्रवाई की समयसीमा का उल्लेख नहीं है। किन मामलों में और किस प्रक्रिया के तहत इन शक्तियों का इस्तेमाल किया जाएगा, इसकी विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं है।
नशा तस्करी पर कार्रवाई के बीच अहम कदम
पंजाब में नशा तस्करी का मुद्दा लंबे समय से कानून-व्यवस्था और जनस्वास्थ्य से जुड़ी बड़ी चुनौती बना हुआ है। तस्करी के नेटवर्क को तोड़ना, नशीले पदार्थों की आपूर्ति पर रोक लगाना और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना पुलिस के लिए प्रमुख चुनौतियों में शामिल है।
गौरतलब है कि मानसा में 13 अक्टूबर को परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद भी राज्य में नशा तस्करी का मुद्दा चर्चा में रहा। ऐसे माहौल में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विशेष रूप से अधिकृत करने संबंधी सरकार की अधिसूचना को नशा तस्करी से जुड़े मामलों में प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र निर्धारित करने के कदम के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अधिसूचना से किसी नए अभियान या कार्रवाई के परिणामों का निष्कर्ष निकालना अभी संभव नहीं है।