SIT और एक्शन कमेटी के बीच तीसरे दौर की बैठक में 14 मांगों पर कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपी; परिवार की सहमति के बाद आगे की बातचीत का फैसला
मानसा, 23 अक्टूबर। परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर पंजाब सरकार, विशेष जांच टीम (SIT) और एक्शन कमेटी के बीच चल रही बातचीत में शुक्रवार को तीसरे दौर की बैठक हुई। जिला परिषद हॉल में करीब एक घंटे चली बैठक में कई मांगों पर सहमति बनने की बात सामने आई। SIT ने एक्शन कमेटी की ओर से रखे गए 14 बिंदुओं पर सरकार की कार्रवाई की प्रगति संबंधी लिखित रिपोर्ट कमेटी को सौंपी। अब एक्शन कमेटी और परिवार रिपोर्ट पर विचार करने के बाद अगली बैठक के बारे में फैसला लेंगे।
बैठक में तीन आईएएस अधिकारी अपनीत रियात, नवजोत कौर और कंवलप्रीत कौर के अलावा बठिंडा के डीआईजी हरजीत सिंह और मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी मौजूद रहे। परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह, उनकी पत्नी मनप्रीत कौर और एक्शन कमेटी के सदस्य भी बैठक में शामिल हुए।
एक्शन कमेटी के सदस्य मानिक गोयल ने बताया कि SIT की ओर से सौंपी गई लिखित रिपोर्ट पर कमेटी और परिवार विचार करेंगे। इसके बाद ही अगली बैठक को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
सीबीआई जांच शुरू, पीजीआई के वरिष्ठ डॉक्टर करेंगे पोस्टमार्टम
SIT की सदस्य अपनीत रियात ने बताया कि परिवार और एक्शन कमेटी की ओर से रखी गई कई मांगों को पंजाब सरकार ने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा कि परिवार की मांग के अनुसार मामले की सीबीआई जांच शुरू हो चुकी है। इसके अलावा परविंदर सिंह झोटा का पोस्टमार्टम पीजीआई के वरिष्ठ डॉक्टरों से करवाने पर भी सहमति बनी है।
उन्होंने बताया कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के तहत स्वास्थ्य विभाग ने तीन मेडिकल स्टोर के लाइसेंस रद्द किए हैं, एक लाइसेंस निलंबित किया है और चार मेडिकल स्टोर सील किए हैं।
सरकार की ओर से जिले के सरकारी खेल स्टेडियम में परविंदर सिंह झोटा की याद में प्रतिमा स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर का नाम भी उनके नाम पर रखने की बात कही गई है।
निलंबन आदेश सौंपने और फास्ट ट्रैक सुनवाई की सिफारिश पर सहमति
SIT सदस्य के अनुसार, थाना प्रभारी, डीएसपी और ड्रग इंस्पेक्टर के निलंबन संबंधी पत्र जल्द ही एक्शन कमेटी को सौंपे जाएंगे। मामले का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई से फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सुनवाई करवाने की सिफारिश भी की जाएगी।
परविंदर सिंह झोटा के साथ घायल हुए लोगों का इलाज सरकारी खर्च पर करवाने और प्रत्येक घायल को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने के संबंध में भी जल्द चेक सौंपने की बात कही गई है।
12 नवंबर से बिना पर्ची नहीं बिकेंगे प्रेगाबलिन कैप्सूल
बैठक में नशे के रूप में दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। SIT सदस्य ने बताया कि प्रेगाबलिन कैप्सूल की बिक्री को नियंत्रित करने के लिए इसे भारत सरकार के ड्रग्स रूल्स, 1945 की अनुसूची एच-1 में शामिल किया गया है। उनके अनुसार, 12 नवंबर से डॉक्टर की पर्ची के बिना इन कैप्सूलों की बिक्री नहीं की जा सकेगी।
इसके अलावा आंदोलन के दौरान फ्लेक्स फाड़ने को लेकर दर्ज किए गए मामलों को रद्द करने के लिए पुलिस की ओर से कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई। परिवार की सुरक्षा को लेकर भी पंजाब सरकार की ओर से लिखित रिपोर्ट एक्शन कमेटी को सौंपी गई है।
शहीद का दर्जा देने की मांग पर सरकार करेगी विचार
परविंदर सिंह झोटा को शहीद का दर्जा देने की मांग के संबंध में अपनीत रियात ने बताया कि एक्शन कमेटी से इस मांग को लिखित रूप में देने के लिए कहा गया है। इसके बाद सरकार इस पर विचार करेगी।
बैठक के बाद अब अगला कदम एक्शन कमेटी और परिवार द्वारा सरकार की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट की समीक्षा करना होगा। इसके आधार पर आगे की बातचीत और मांगों पर कार्रवाई की स्थिति को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
