परगट सिंह बोले—जनता के ज्वलंत मुद्दों पर जवाब देने से बच रही सरकार; झोटा को इंसाफ, बेअदबी कानून में संशोधन और किसानों-कर्मचारियों के मुद्दे उठाए
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा का सत्र शुरू हो गया है। विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां की ओर से बुलाया गया यह सत्र 27 अक्तूबर तक चलेगा। सत्र के पहले दिन दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। पहले दिन की कार्यवाही महज नौ मिनट में समाप्त होने पर पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष परगट सिंह ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा।
परगट सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष के सवालों का सामना करने से बच रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश से जुड़े कई गंभीर और ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा कर सरकार से जवाब मांगा जाना चाहिए था, लेकिन कार्यवाही जल्द समाप्त कर दी गई।
झोटा को इंसाफ और पुलिस मामलों पर उठाए सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने शहीद परविंदर सिंह झोटा को इंसाफ दिलाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार को इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने पांच पुलिस मामलों के बावजूद एक आरोपी को कथित तौर पर असलहा लाइसेंस जारी किए जाने और वर्ष 2021 में प्रतिबंधित कैप्सूलों की खुलेआम बिक्री के आरोपों पर भी जवाब मांगा।
परगट सिंह ने बेअदबी विरोधी कानून में संशोधन के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदारों के समक्ष सहमति बनने के बावजूद सरकार संशोधन करने से पीछे हट रही है।
कर्मचारी, शिक्षक, किसान और नशे का मुद्दा भी उठाया
परगट सिंह ने दावा किया कि करीब तीन लाख कर्मचारी सामूहिक छुट्टी पर जाने की तैयारी में हैं। उन्होंने कंप्यूटर शिक्षकों, ईटीटी शिक्षकों और प्रोफेसरों के धरनों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को कर्मचारियों और शिक्षकों की मांगों पर भी जवाब देना चाहिए।
उन्होंने मानसा में नशा तस्करों के खिलाफ चल रहे धरने और किसानों की मांगों का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि विधानसभा में जनता से जुड़े इन मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय कार्यवाही समाप्त कर दी गई।
