पिछली भाजपा सरकार ने वर्ष 2022-23 में लिया 14 हजार करोड़ रुपये का कर्ज कहा मुख्यमंत्री सुक्खू ने : वर्तमान वित्त वर्ष में 1100 करोड़ राजस्व वृद्धि का अनुमान

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वर्तमान सरकार ने इस वर्ष 4100 करोड़ रुपये का ऋण लिया

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि इस वर्ष हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व में 1100 करोड़ रुपये की वृद्धि का अनुमान है। उन्होंने कहा कि अगर प्राकृतिक आपदा नहीं आती तो प्रदेश में 1500 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड राजस्व वृद्धि दर्ज होती। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान कारोबार पर असर पड़ा जिससे प्रदेश का राजस्व प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना लागू करने पर केन्द्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश पर कई पाबंदियां लगाई हैं, जिसके तहत इस वित्त वर्ष में ऋण लेने की सीमा 6600 करोड़ रुपये तय की गई है। इसके साथ ही बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं के लिए तीन वर्ष में कुल 2900 करोड़ रुपये लेने की सीमा तय की गई है, जबकि पहले इसके लिए कोई सीमा तय नहीं थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने इस वित्त वर्ष में मात्र 4100 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है जबकि पिछली भाजपा सरकार ने वित्त वर्ष 2022-23 में 14 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। इसके अतिरिक्त वर्तमान राज्य सरकार को ओपीएस लागू करने पर 1780 करोड़ रुपये की ग्रांट भी नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं को केन्द्र सरकार से हिमाचल पर लगी इन पाबंदियों को हटाने के लिए प्रयास करने चाहिए।
सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार अपने संसाधनों में वृद्धि करने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। शराब के ठेकों की नीलामी से राज्य सरकार को 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल के हितों को लेकर लड़ाई लड़ रही है। वर्तमान राज्य सरकार ने पट्टा नियमों को संशोधित करते हुए लीज की अवधि को 99 वर्षों से घटाकर 40 वर्ष कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब धौलासिद्ध, लुहरी फेज-1 तथा सुन्नी जल विद्युत परियोजनाओं को 40 वर्ष के बाद हिमाचल प्रदेश को वापिस सौंपना होगा। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में देरी को देखते हुए राज्य सरकार ने एसजेवीएनएल को प्रदान किए गए जांगी-थोपन-पोवारी परियोजना को रद्द कर दिया है। उन्होंने कहा कि वाईल्ड फ्लावर हॉल होटल को वापिस पाने के लिए राज्य सरकार कानूनी लड़ाई लड़ रही है और वर्तमान राज्य सरकार के दृढ़ प्रयासों के कारण इस मामले में फैसला सरकार के पक्ष में आया है। वर्तमान राज्य सरकार ने मामले की पैरवी के लिए अच्छे अधिवक्ता नियुक्त किए तथा अदालत में मजबूती से अपना पक्ष प्रस्तुत किया।
ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में इन्वेस्टमेंट ड्रेन हुआ तथा निवेश से हिमाचल प्रदेश के लोगों को कोई लाभ नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में पुलिस भर्ती घोटाला हुआ, जिसकी जांच तक नहीं करवाई गई। हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग में पेपर बेचे गए जिसे देखते हुए राज्य सरकार ने इसे भंग कर दिया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में ही 100 करोड़ रुपये का खनन घोटाला तथा क्रिप्टो करंसी घोटाला भी हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इतने बड़े पैमाने पर धांधली व भ्रष्टाचार होने पर भी पिछली सरकार आंखे मंूदकर क्यों बैठी रही।

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