ठाणे : पंजाब पुलिस ने महाराष्ट्र के मीरा भायंदर में गुरुवार देर रात बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पूर्व आईजी अमर सिंह चहल से आठ करोड़ की ऑनलाइन ठगी के मामले में चार ठिकानों पर रेड की गई।
इस कार्रवाई में बीजेपी के स्थानीय नेता समेत चार आरोपी गिरफ्तार किए गए। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है।
पूर्व आईजी ने 22 दिसंबर को 8 करोड़ रुपए की ठगी का पता चलने पर खुद को गोली मार ली थी। इसके बाद पटियाला पुलिस एक्शन में आई। पूर्व आईजी के अकाउंट से निकले 3 करोड़ रुपए पुलिस ने बैंक अकाउंट्स में फ्रीज कर दिए। ठगों से जुड़े 25 अकाउंट को सील कर दिया गया, जिससे उनमें लेन-देन बंद हो गया। जांच में आरोपियों के महाराष्ट्र से नेटवर्क ऑपरेट करने का पता चला। पुलिस ने चार आरोपियों की पहचान कर ली है। इस गैंग में कुल 10 लोगों का पता चला है। जिन अकाउंट्स में चहल से रकम ट्रांसफर कराई गई थी, वह गरीब मजदूरों के नाम पर निकले।
अमर सिंह चहल पहले एयरफोर्स में अफसर थे। 1990 में वह एयरफोर्स से रिटायर हो गए। इसके बाद वह डायरेक्ट डीएसपी भर्ती हो गए। इसके बाद तरक्की पाकर वह आईजी की पोस्ट तक पहुंच गए। रिटायर होने के बाद वह परिवार के साथ पटियाला में रहने लगे थे। इसी दौरान वह एक वॉट्सऐप ग्रुप में जुड़े जिसके जरिए वह ठगों के जाल में फंस गए। उन्होंने अपनी कमाई के अलावा रिश्तेदारों से उधार लेकर स्कीम में इन्वेस्ट कर दिए, लेकिन जब उनके 8 करोड़ रुपए हड़प लिए तो उन्हें ठगी का पता चला। इसके बाद उन्होंने 22 दिसंबर को घर में खुद को गोली मार ली। इससे पहले उन्होंने 12 पेज का सुसाइड नोट भी लिखा था, जिसमें अपने साथ हुई ठगी की पूरी कहानी बताई थी।
मामले की जांच के सिलसिले में पंजाब पुलिस की एक विशेष टीम नवघर पुलिस स्टेशन पहुंची थी और मीरा भायंदर वसई विरार पुलिस कमिश्नर निकेत कौशिक की अगुवाई में पटियाला पुलिस ने नवघर इलाके में रेड की और चार आरोपियों को देर रात गिरफ्तार कर लिया। भायंदर के नवघर पुलिस स्टेशन से गिरफ्तार चार आरोपियों में से एक आरोपी जिसका नाम रणजीत (शेरा ठाकुर) जो भाजपा के भायंदर नवघर युवा मोर्चा का मंडल अध्यक्ष है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले समय में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
