एमसीएम डीएवी महाविद्यालय कांगड़ा के गोल्डन जुबली वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि बनकर पहुँचे आर.एस बाली
एएम नाथ। कांगड़ा : प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी तरह के शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए प्रयास किया है जिसके सकारात्मक परिणाम अब देखने को मिल रहे हैं। यह उद्गार पर्यटन निगम के अध्यक्ष कैबिनेट रैंक आरएस बाली ने एमसीएम डीएवी महाविद्यालय कांगड़ा के 50 वर्ष पूरे होने पर गोल्डन जुबली वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि बनकर पहुँचने पर कहे। इस मौके पर एचआरटीसी उपाध्यक्ष अजय वर्मा भी मौजूद रहे। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ अमरजीत के शर्मा, वॉयस चांसलर प्रोफेसर महावीर सिंह विशेष अतिथि, एसडीएम कांगड़ा इशांत जसवाल और अडिशनल एसपी तनुजा, प्रधानाचार्य सुरजीत राणा, थाना प्रभारी संजीव कुमार, अशोक शर्मा, विजय वालिया और कांता सरोच सहित शिक्षक और बच्चे मौजूद रहे।
संबोधन के दौरान उन्होंने समस्त प्रशासन और छात्रों को वार्षिक वितरण समारोह 2026 के भव्य आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा एमसीएम डीएवी महाविद्यालय छात्रों के भविष्य को उज्जवल बनाने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा यहां के विद्यार्थी पूरे देश और विदेश में बड़े पदों पर आसीन हैं जो हम सब के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा हमारे जीवन में छात्र जीवन का समय ऐसा समय होता है जो हमारे जीवन के भविष्य की दिशा को बनाने का काम करता है। उन्होंने कहा यह समय हमारी मेहनत करने का समय होता है जो छात्र इस समय का सदुपयोग करते हैं कठिन परिश्रम करते हैं उनका भविष्य उज्जवल बनता है उन्होंने कहा वह स्वयं भी छात्र राजनीति से निकलकर आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा वह स्वयं इस महाविद्यालय के छात्र रहे हैं और उन्हें आज जो भी सफलता मिली है उसमें एक बड़ा रोल मेरे अध्यापकों का भी रहा है। उन्होंने सभी छात्रों से छात्र जीवन में कड़ी मेहनत करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में शिक्षा की गुणवत्ता में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं सभी शिक्षण संस्थानों में बच्चों के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। प्राथमिक शिक्षा को इंग्लिश मीडियम करना, राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूलों को खोलने का निर्णय और प्रदेश में स्कूल सीबीएसई करने का निर्णय प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गुणात्मक शिक्षा देने के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने कहा सभी महाविद्यालयों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ किया जा रहा है। महाविद्यालयों में डिजिटल पुस्तकालय, बेहतर खेल सुविधाएं और लैब्स स्थापित हो रही हैं। मुख्य अतिथि ने सभी के साथ प्रोफेसर संजीव सूरी द्वारा लिखी किताब गोल्डन फुटप्रिंट्स और मैग्जीन का विमोचन भी किया। उन्होंने विशेष अतिथियों, प्रधानाचार्य, उपाध्यक्ष अजय वर्मा और समस्त अध्यापकों के कार्य की प्रशंसा की जो प्रदेश का नाम देश-विदेश में चमका रहे हैं।
विशेष अतिथि निदेशक उच्च शिक्षा डॉक्टर अमरजीत के शर्मा और वॉयस चांसलर प्रोफेसर महावीर सिंह ने संबोधन के दौरान डीएवी महाविद्यालय द्वारा बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस महाविद्यालय में अपने बिताए समय को भी याद किया। उन्होंने डीएवी महाविद्यालय को हर सम्भव सहायता देने की बात कही। उन्होंने मोबाइल का कम प्रयोग और प्रकृति के साथ समय बिताने की बात कही।
महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉक्टर बलजीत सिंह पटियाल ने मुख्य अतिथि के समक्ष वार्षिक रिपोर्ट का विस्तृत विवरण दिया उन्होंने बताया महाविद्यालय के छात्रों ने शिक्षा में जहां मेरिट में जगह पाई है वहीं छात्र खिलाडियों महिला और पुरुष टीम ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नाम चमकाया है। प्रोफेसर संजीव सूरी ने संबोधन में सभी का अभिवादन किया और मुख्य अतिथि जो कि उनके विद्यार्थी रहे हैं उनके साथ बिताए समय को याद किया।
एमसीएम डीएवी कांगड़ा के अनेकों छात्रों ने परीक्षाओं में मेरिट में स्थान हासिल किया। जिनमें साहिल राणा, तनुजा, वंशिका, शेफाली, अनामिका, आंचल, नितिशा, भारद्वाज, शिखा, शिवानी, अवंतिका, साक्षी, तमन्ना, किरण, अस्मिता, तमन, शैना, अक्ष, शाहीन,
सेजल, कशिश, आरजू ,श्रुति, इशिका सहित अन्य कई छात्रों ने मेरिट में स्थान हासिल किया। कोमल शर्मा ने गणतंत्र दिवस की दिल्ली परेड में हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि ने शिक्षा में उत्कृष्ट छात्रों , सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों में शामिल छात्रों और गणमान्यों को स्मृति चिन्ह बांटे। उन्होंने एआई लैब स्थापित करने के लिए 15 लाख रुपए, 3 लाख रुपये महाविद्यालय के विकास के लिए और अपनी तरफ से बच्चों के लिए 2 लाख रुपये देने की घोषणा की।
