एएम नाथ । हमीरपुर : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को दोहराया कि राज्य में पंचायती राज चुनावों को स्थगित करने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर को “पंचायत चुनावों की चिंता नहीं करनी चाहिए।” उन्होंने ठाकुर और राज्य के सभी भाजपा सांसदों से आग्रह किया कि वे “दिल्ली जाएं और आपदा प्रभावित हिमाचल के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से घोषित 1,500 करोड़ रुपये लेकर आएं।”
हमीरपुर में संवाददाताओं से बातचीत में सुक्खू ने कहा, “राज्य में आपदा अधिनियम लागू कर दिया गया है और हमारी पहली प्राथमिकता उन प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करना है, जिनके मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं।”
हिमाचल प्रदेश में 3,500 से अधिक ग्राम पंचायतों के चुनाव दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 तक निर्धारित हैं। चुनाव कराने की अंतिम तिथि 23 जनवरी है और राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नौ अक्टूबर को जारी अधिसूचना में मुख्य सचिव और राज्य कार्यकारी समिति के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने स्पष्ट किया कि सड़कों और निजी एवं सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान को देखते हुए, चुनाव “उचित कनेक्टिविटी बहाल होने के बाद ही” कराए जाएंगे।
ठाकुर और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल सहित अन्य पार्टी नेताओं ने सुक्खू सरकार पर अपने खराब प्रदर्शन और चुनावी वादों को लागू करने में विफलता के कारण “लोगों का सामना करने” में आनाकानी करने का आरोप लगाया है।
भाजपा नेताओं ने दावा किया है कि पंचायत चुनाव स्थगित करने का फैसला पूर्व नियोजित था। उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय चुनाव भी अंतिम समय में स्थगित कर दिए गए थे।
