गांव में युवक को जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाने का प्रयास कर रहे थे आरोपी
फरीदकोट। पंजाब के फरीदकोट जिले के गांव रोमाणा अलबेल सिंह में एक युवक के कथित अपहरण के प्रयास का मामला सामने आया है। युवक की शिकायत पर पुलिस ने उसकी पूर्व प्रेमिका समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मौके से पकड़े गए पांच युवकों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में शामिल महिला और अन्य पहलुओं को लेकर जांच की जा रही है।
स्नैपचैट के जरिए हुई थी जान-पहचान
पुलिस को दी शिकायत में गांव रोमाणा अलबेल सिंह निवासी सुखवीर सिंह पुत्र प्यारा सिंह ने बताया कि करीब दो साल पहले उसकी जान-पहचान स्नैपचैट के माध्यम से सुखविंदर कौर पुत्री गुरमेज सिंह के साथ हुई थी। सुखविंदर मूल रूप से हरियाणा के जगाधरी स्थित बैंक कॉलोनी की रहने वाली है और फिलहाल जीरकपुर में रहती है। शिकायतकर्ता के अनुसार, दोनों की दोस्ती बाद में प्रेम संबंधों में बदल गई और वह उससे शादी करना चाहता था।
रिश्ता टूटने के बाद 10 लाख रुपये मांगने का आरोप
सुखवीर सिंह का आरोप है कि इसी साल मई में उसे सुखविंदर कौर के अन्य व्यक्तियों के साथ संबंध होने का पता चला, जिसके बाद उसने रिश्ता खत्म कर लिया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि इसके बाद युवती उससे 10 लाख रुपये की मांग करने लगी और रकम नहीं देने पर जान से मरवाने की धमकी दी। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
दुकान पर पहुंचे पांच युवक
शिकायत के मुताबिक, घटना वाले दिन शाम करीब 5:45 बजे सुखवीर सिंह अपनी दुकान के गेट पर खड़ा था। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर पांच युवक वहां पहुंचे और दुकान में घुस गए। आरोप है कि उन्होंने सुखवीर सिंह के साथ धक्का-मुक्की की और उसे जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर ले जाने का प्रयास किया। इस पर युवक ने शोर मचा दिया।
लोगों ने घेरकर पुलिस के हवाले किया
शोर सुनकर आसपास के दुकानदार और राहगीर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पांचों युवकों को घेरकर पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। शिकायतकर्ता के अनुसार, पकड़े गए युवकों ने कथित तौर पर बताया कि सुखविंदर कौर और उसके एक साथी ने युवक का अपहरण करने के लिए उन्हें पांच लाख रुपये देने की बात कही थी।
पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और सुखविंदर कौर समेत कुल छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अपहरण की कथित साजिश, रकम के लेन-देन और शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
