फगवाड़ा :पंजाब के फगवाड़ा में उस समय हड़कंप मच गया जब पंजाब पुलिस के एक रिटायर्ड इंस्पेक्टर की सिर में गोली लगने से संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. यह घटना गुरु नानकपुरा इलाके में हुई, जहां गोली चलने की आवाज सुनकर परिवार के लोग कमरे में पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
मृतक की पहचान करमजीत सिंह संधू, पुत्र सरदार चरणजीत सिंह संधू, निवासी गुरु नानकपुरा फगवाड़ा के रूप में हुई है. परिवार के सदस्यों के मुताबिक, उन्होंने अचानक कमरे से गोली की आवाज सुनी. अंदर जाकर देखा तो करमजीत सिंह खून से लथपथ पड़े थे. परिवार का कहना है कि उन्हें यह बिल्कुल समझ नहीं आ रहा कि गोली कैसे चली और यह हादसा था या कुछ और !!
पुलिस सेवा में लंबा अनुभव
जानकारी के अनुसार, करमजीत सिंह संधू लंबे समय तक फगवाड़ा पुलिस में सहायक सब-इंस्पेक्टर (ASI) के रूप में तैनात रहे. इलाके के लोगों में उनकी अच्छी पहचान और प्रतिष्ठा थी. पूर्व पार्षद और सीनियर अकाली नेता ठेकेदार बलजिंदर सिंह ने बताया कि मृतक गुरु नानकपुरा वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान भी थे और समाज सेवा के कामों में सक्रिय रहते थे. उनकी मौत ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है।
मामले की जांच कर रहे डीएसपी फगवाड़ा भारत भूषण के अनुसार, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है. कमरे से कोई सुसाइड नोट या संदिग्ध दस्तावेज नहीं मिले हैं. परिवार और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है. पुलिस फिलहाल हर एंगल से जांच करने में जुटी है. डीएसपी ने बताया कि फिलहाल यह तय नहीं है कि यह खुदकुशी है, हादसा है या कोई अन्य वजह. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से स्थिति स्पष्ट होगी।
इलाके में तनाव और सवालों की बौछार : इस घटना के बाद गुरु नानकपुरा इलाके में लोग सदमे में हैं. कई लोग मानते हैं कि करमजीत सिंह शांत, मिलनसार और सामाजिक कार्यों में हमेशा आगे रहने वाले व्यक्ति थे, इसलिए उनकी अचानक मौत ने सबको झकझोर दिया है. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी और सच्चाई जल्द सामने लाई जाएगी।
