नई दिल्ली । दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय जीत दर्ज करने वाले दीपांशु शौकीन ने सत्य निकेतन पीजी बिल्डिंग हादसे में प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों के लिए इंसाफ की मांग को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर कार्यालय के बाहर सत्याग्रह शुरू किया है। दीपांशु ने कहा है कि छात्रों की जायज मांगें पूरी होने तक उनका सत्याग्रह जारी रहेगा और वह जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे।
दीपांशु ने शहीद-ए-आजम भगत सिंह को अपना आदर्श बताते हुए कहा कि उनके आदर्शों पर चलते हुए वह दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों के अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि वह आम परिवार से आने वाले छात्र हैं और छात्रों की समस्याओं तथा उनके हक की आवाज उठाते रहेंगे।
उन्होंने सत्य निकेतन हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि पीड़ित परिवारों के साथ बातचीत होनी चाहिए और उन्हें आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी मुआवजे से परिवारों का दुख कम नहीं हो सकता, लेकिन आर्थिक मदद उनके लिए सहारा जरूर बन सकती है।
दीपांशु ने हॉस्टल समेत छात्रों की अन्य मांगों को भी उठाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन यदि छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास करेगा तो आंदोलन जारी रहेगा।
30,615 वोट लेकर जीते दीपांशु
डूसू चुनाव में दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर 30,615 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में थे। चुनाव प्रचार के दौरान भी दीपांशु नंगे पैर रहे थे। उनका कहना था कि सत्य निकेतन पीजी बिल्डिंग हादसे में प्रभावित छात्रों को इंसाफ मिलने तक वह जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे।
