चंडीगढ़ : चंडीगढ़ स्थित पंजाब भाजपा कार्यालय के बाहर बुधवार शाम हुए ब्लास्ट के मामले में पंजाब पुलिस के काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने बड़ी कार्रवाई की है। विंग की टीम ने गुरुवार तड़के रूपनगर जिले के मोरिंडा क्षेत्र स्थित रतनगढ़ गांव में दो संदिग्धों के घरों पर छापेमारी की। इन दोनों पर ब्लास्ट की घटना को अंजाम देने का आरोप है।
मुख्य आरोपी गुरतेज की तलाश जारी : हालांकि पुलिस अधिकारियों ने इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन परिजनों का कहना है कि अमनप्रीत सिंह नामक संदिग्ध को पुलिस ने हिरासत में लिया है। वहीं, छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी गुरतेज सिंह पुलिस के हाथ नहीं लग सका। सूत्रों के अनुसार, गुरतेज चंडीगढ़ में एक ‘रैपिडो’ बाइक राइडर के रूप में काम करता है। पुलिस को इस धमाके में उसकी संलिप्तता का पूरा संदेह है, जिसके चलते यह छापेमारी की गई।
परिजनों ने कहा- बेवजह परेशान न करे पुलिस : इस कार्रवाई को लेकर अमनप्रीत सिंह की पत्नी का कहना है कि उनके पति का गुरतेज सिंह से कोई लेना-देना नहीं है। उधर, मुख्य आरोपी गुरतेज की मां ने बताया कि पिछले तीन-चार साल से परिवार का उसके साथ कोई संपर्क नहीं है। उन्होंने कहा, “मुझे भी लोगों से ही पता चला था कि वह चंडीगढ़ में रैपिडो चालक है। यदि उसने कुछ गलत किया है तो पुलिस उसे जरूर गिरफ्तार करे, लेकिन इस वजह से बाकी परिवार को बेवजह परेशान नहीं किया जाना चाहिए।”
स्थानीय पुलिस को नहीं थी भनक : इस छापेमारी के बारे में रूपनगर के एसएसपी मनिंदर सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय की टीमों ने की है। इस कारण स्थानीय पुलिस को इस रेड के संबंध में कोई जानकारी नहीं थी।
