मणिमहेश यात्रा में श्रद्धालुओं की सेहत का सुरक्षा कवच, 7 जगह 24 घंटे मेडिकल कैंप

by

ऑक्सीजन सिलेंडर, जीवनरक्षक दवाओं और डॉक्टरों की तैनाती; गंभीर मरीजों के लिए 108 एंबुलेंस अलर्ट

एएम नाथ।  चंबा। उत्तर भारत की प्रसिद्ध एवं पवित्र मणिमहेश यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक इंतजाम किए हैं। यात्रा मार्ग के संवेदनशील और महत्वपूर्ण पड़ावों पर सात विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर स्थापित किए गए हैं। इन शिविरों में 24 घंटे डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ तैनात रहेगा।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी मेडिकल कैंपों में छोटे-बड़े ऑक्सीजन सिलेंडर, जीवनरक्षक दवाएं और फर्स्ट एड किट उपलब्ध करवाई हैं, ताकि अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सांस फूलने, ऑक्सीजन की कमी या अचानक तबीयत बिगड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सके।

हड़सर से डल झील तक मेडिकल व्यवस्था

स्वास्थ्य विभाग ने हड़सर बेस कैंप, धनछो, सुंदरासी, गौरीकुंड, पवित्र मणिमहेश डल झील परिसर, भरमाणी माता मंदिर तथा होली वाया कलाह ट्रैक पर स्वास्थ्य शिविर सक्रिय किए हैं।

प्रत्येक मेडिकल कैंप में एक चिकित्सक और दो पैरामेडिकल कर्मचारी 24 घंटे सेवाएं देंगे। हाई एल्टीट्यूड सिकनेस, चक्कर, उल्टी, हाइपोथर्मिया और सांस लेने में परेशानी जैसी स्थितियों में श्रद्धालुओं को तत्काल ऑक्सीजन थेरेपी और प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।

13 किलोमीटर का कठिन और ऊंचाई वाला सफर

हड़सर बेस कैंप से मणिमहेश तक की दूरी करीब 13 किलोमीटर है। यात्रा मार्ग में खड़ी चढ़ाई और उतराई के साथ मौसम में अचानक बदलाव भी श्रद्धालुओं के लिए चुनौती बनता है। अधिक ऊंचाई पर ऑक्सीजन का स्तर कम होने से कई श्रद्धालुओं को सांस लेने में परेशानी और अत्यधिक थकावट का सामना करना पड़ता है।

स्वास्थ्य विभाग ने अस्वस्थ और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों से यात्रा शुरू करने से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति का ध्यान रखने की अपील की है।

पांच दिन के रोटेशन पर तैनात रहेंगी मेडिकल टीमें

स्वास्थ्य कर्मियों की कार्यक्षमता बनाए रखने के लिए मेडिकल टीमों की ड्यूटी 20 सितंबर तक पांच-पांच दिन के रोटेशन पर लगाई गई है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पांच अतिरिक्त मेडिकल टीमें रिजर्व में रखी गई हैं।

गंभीर मरीजों को तुरंत बड़े स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने के लिए हड़सर, भरमौर और होली वाया कलाह में 108 एंबुलेंस को अलर्ट मोड पर रखा गया है। आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों से अतिरिक्त एंबुलेंस भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि मणिमहेश यात्रा मार्ग की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और अधिक ऊंचाई को देखते हुए श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूरे यात्रा मार्ग पर ऑक्सीजन, दवाओं और चिकित्सा सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण विकास की राह दिखा रही राजीव गांधी वन संवर्धन योजना

रोहित जसवाल।  ऊना, 23 अगस्त. हिमाचल सरकार की राजीव गांधी वन संवर्धन योजना पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण सशक्तिकरण को समर्पित है। इसका उद्देश्य बंजर और अनुपयोगी वन भूमि को हरा-भरा बनाना है, साथ...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

मैं स्ट्रीट फाइटर हूं, AC रूम का एक्टिविस्ट नहीं’ : धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस सांसद को दिया टका सा जवाब

नई दिल्ली :   नीट पेपर लीक मामले में छात्रों के आंदोलन के बाद शनिवार (25 जुलाई) को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले धर्मेंद्र प्रधान आज (सोमवार, 27 जुलाई) को पहली बार...
article-image
पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

ट्रॉमा सेंटर की सुरक्षा कर्मचारी वंदना राणा ने पेश की ईमानदारी की मिसाल : मरीज के अटेंडेंट का सोने का लॉकेट लौटाया

पुनीत महाजन l  चंडीगढ़: सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH-32) के ट्रॉमा सेंटर में तैनात महिला सुरक्षा कर्मचारी वंदना राणा ने अपनी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से सभी का दिल जीत लिया। मॉर्निंग ड्यूटी के...
article-image
हिमाचल प्रदेश

मुख्यमंत्री ने श्रीनिवास रामानुजन स्टूडेंट् डिजिटल योजना का शुभारंभ किया : पोर्टमोर स्कूल के सभी क्लासरूम को स्मार्ट बनाने की घोषणा, मुख्यमंत्री ने 5 करोड़ रुपए से बनने वाले कन्या छात्रावास की रखी आधारशिला

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज राजकीय कन्या मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर के वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय में छात्राओं के लिए 5 करोड़ रुपये की...
Translate »
error: Content is protected !!