लावारिस सूटकेस से खुला राज, 350 से ज्यादा CCTV कैमरों की जांच के बाद मणिपुर से आरोपी पति-पत्नी गिरफ्तार
चेन्नई/आगरा। चेन्नई के पास गुडुवांचरी में एक महिला की हत्या का बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने महिला की हत्या के बाद शव के टुकड़े किए और पहचान मिटाने के लिए उन्हें ठिकाने लगाने की कोशिश की। मामले का खुलासा आगरा रेलवे स्टेशन पर मिले एक लावारिस सूटकेस से हुआ, जिसमें महिला के शव के कटे हुए हिस्से बरामद किए गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि शव के कुछ हिस्सों को कथित तौर पर किराए के मकान में पकाने की कोशिश की गई, जबकि अन्य हिस्सों को सूटकेस में भरकर ट्रेन के जरिए आगरा भेज दिया गया। इस मामले में पुलिस की विशेष टीम ने फरार आरोपी पति-पत्नी को मणिपुर से गिरफ्तार किया है।
लावारिस सूटकेस से मिला अहम सुराग
पुलिस के मुताबिक, तमिलनाडु एक्सप्रेस के आगरा रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद एक लावारिस सूटकेस बरामद हुआ। तलाशी लेने पर उसमें महिला के शव के कटे हुए हिस्से मिले। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान सूटकेस में मिले एक प्लास्टिक कवर पर चेन्नई की एक प्रसिद्ध टेक्सटाइल कंपनी का नाम दर्ज मिला। यही सुराग पुलिस को आगरा से चेन्नई तक ले गया।
350 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली
चेन्नई पहुंची पुलिस टीम ने गुडुवांचरी और आसपास के इलाकों में लगे 350 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। कई घंटों की जांच के बाद पुलिस को एक महिला और पुरुष की गतिविधियां संदिग्ध लगीं।
फुटेज में कथित तौर पर सामने आया कि कपल गुडुवांचरी जाने से पहले ट्रेन में सूटकेस रखकर वहां से निकल गया था। इसके बाद पुलिस ने दोनों की गतिविधियों को ट्रेस करते हुए उस किराए के मकान तक पहुंच बनाई, जहां आरोपी रहते थे।
किराए के मकान से मिले शव के अन्य हिस्से
पुलिस ने संदिग्ध मकान की तलाशी ली तो वहां महिला के शव के अन्य हिस्से बरामद होने की बात सामने आई। जांच के अनुसार, हत्या के बाद आरोपियों ने शव की पहचान और हत्या से जुड़े सबूत मिटाने के लिए उसे अलग-अलग तरीके से ठिकाने लगाने का प्रयास किया।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शव के हिस्सों को किस तरह ठिकाने लगाने की पूरी योजना बनाई गई थी और वारदात में दोनों आरोपियों की भूमिका क्या रही।
रिश्ते को लेकर विवाद बना हत्या की वजह?
पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान हैथुल निशा के रूप में हुई है। वह तांबरम के पास एक निजी कंपनी में काम करती थी। इसी दौरान उसकी जान-पहचान आरोपी माणिक लस्कर से हुई थी।
जांच में पुलिस को कथित तौर पर दोनों के बीच संबंध होने की जानकारी मिली। पुलिस का कहना है कि माणिक की पत्नी भागमती माझी को इस रिश्ते की जानकारी हुई थी और वह इसका विरोध करती थी। इसके बाद विवाद बढ़ गया।
प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस को संदेह है कि माणिक और भागमती ने मिलकर हैथुल निशा की हत्या की साजिश रची। हालांकि, हत्या की वास्तविक वजह और वारदात की पूरी परिस्थितियों का खुलासा विस्तृत जांच और पूछताछ के बाद ही हो सकेगा।
चेन्नई से फरार होकर मणिपुर पहुंचे आरोपी
वारदात के बाद आरोपी दंपती चेन्नई से फरार हो गया था। पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की और जांच के दौरान उनके मणिपुर में छिपे होने की जानकारी मिली।
स्पेशल टीम ने कार्रवाई करते हुए ओडिशा निवासी 22 वर्षीय माणिक लस्कर को मणिपुर से गिरफ्तार किया। इसके बाद उसकी पत्नी भागमती माझी को भी पुलिस ने पकड़ लिया।
दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस हत्या की वजह, दोनों की भूमिका, शव को अलग-अलग स्थानों पर भेजने की योजना और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। आगरा में मिले सूटकेस और उस पर मिले चेन्नई के सुराग ने इस मामले की जांच को निर्णायक दिशा दी।
