माता चिंतपूर्णी मेला – लंगरों में 100% नो-प्लास्टिक मिशन शुरू: जिलाधीश आशिका जैन

by

होशियारपुर / दलजीत अजनोहा : यह जानकारी जिलाधीश आशिका जैन ने वरिष्ठ पत्रकार संजीव कुमार से विशेष बातचीत में साझा की। माता चिंतपूर्णी मेले के दौरान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, होशियारपुर जिला प्रशासन ने जिले भर के सभी लंगरों में 100% नो-प्लास्टिक अभियान की शुरुआत की है। यह हरित मिशन (चढ़दा सूरज) अभियान के तहत रेड क्रॉस सोसायटी के सहयोग से चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मेले के दौरान सभी धार्मिक भोजन स्थलों से सिंगल यूज़ प्लास्टिक को पूरी तरह समाप्त करना है।

उपायुक्त आशिका जैन ने बताया कि इस पर्यावरणीय पहल को समर्थन देने के लिए होशियारपुर की 20 से अधिक स्वयंसेवी संस्थाएं आगे आई हैं। 300 से अधिक स्वयंसेवकों — जिनमें 150 एनजीओ सदस्य और 150 सिविल डिफेंस कर्मी शामिल हैं — को आदमपुर से लेकर जिला सीमा तक फैले लंगरों में शिफ्टों में तैनात किया जाएगा। ये स्वयंसेवक सफाई बनाए रखने, प्लास्टिक मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने, तीर्थयात्रियों को जागरूक करने, कचरा प्रबंधन में सहयोग देने और मेले के दस दिनों के दौरान प्रतिदिन प्रदर्शन रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी संभालेंगे।

उपायुक्त ने जोर देते हुए कहा कि यह अभियान सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण-संवेदनशील धार्मिक आयोजनों के लिए एक नया मानक स्थापित करने की दिशा में प्रयास है। उन्होंने मीडिया से अपील की कि इस पहल को व्यापक रूप से प्रचारित किया जाए ताकि अन्य धार्मिक आयोजनों को भी इससे प्रेरणा मिल सके। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सबसे स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल लंगर को पुरस्कृत किया जाएगा, और उत्कृष्ट सेवा देने वाले स्वयंसेवकों को भी सम्मानित किया जाएगा।

इस अभियान को सफल बनाने हेतु प्रशासन ने कपड़े के थैलों के वितरण केंद्र, पीने के पानी की व्यवस्था, अतिरिक्त कूड़ेदान और विशेष स्वच्छता टीमों की व्यवस्था की है। इसके साथ ही नगर निगम, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से 5 लाख रुपये मूल्य के पर्यावरण अनुकूल प्लेट, चम्मच व अन्य सामग्री उन लंगरों को वितरित की जाएगी जो अनजाने में अभी भी प्लास्टिक का उपयोग कर रहे हैं।

आशिका जैन ने सभी लंगर आयोजकों से अपील की कि वे पूरी तरह से सिंगल यूज़ प्लास्टिक का बहिष्कार करें और श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि वे अपने साथ कपड़े/जूट के थैले और पुनः उपयोग योग्य पानी की बोतलें लेकर आएं। दुकानदारों से भी आग्रह किया गया कि वे पर्यावरण के अनुकूल पैकिंग का प्रयोग करें। स्वयंसेवकों को तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए तत्पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि “ਚੜ੍ਹਦਾ ਸੂਰਜ” केवल एक जागरूकता अभियान नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरा-भरा भविष्य देने की ओर एक मजबूत कदम है।

जनसुविधा के लिए प्रशासन ने रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के सहयोग से एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है। श्रद्धालु किसी भी आपात स्थिति में 01882-292570 पर संपर्क कर सकते हैं। उपायुक्त ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे भारी सामान लेकर न आएं और बसों की छतों पर यात्रा करने से सख्ती से बचें। उन्होंने आश्वासन दिया कि मेले की अवधि के दौरान यातायात व्यवस्था, कानून व्यवस्था, स्वच्छता और चिकित्सा सेवाओं की पूरी तैयारी की गई है।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

लोगों के राहत और पुर्नवास के लिये राज्य सरकार द्वारा 4500 करोड़ का आपदा राहत पैकेज जारी : किशोरी लाल

बैजनाथ, 04 मार्च :- मुख्य संसदीय सचिव कृषि, पशुपालन, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज किशोरी लाल ने सोमवार को ग्राम पंचायत द्रुग के धन्डेरा में 5 लाख से सामुदायिक भवन पर पहली मंजिल के...
article-image
हिमाचल प्रदेश

बंगाणा कॉलेज में छात्राओं ने सीखे आत्मरक्षा के गुर : ‘सामर्थ्य’ के तहत लगा 7 दिवसीय निशुल्क प्रशिक्षण कैंप संपन्न

रोहित भदसाली। बंगाणा (ऊना), 8 अक्तूबर। ऊना जिले की महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण को समर्पित जिला प्रशासन की खास पहल ‘सामर्थ्य’ के तहत अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय महाविद्यालय बंगाणा में छात्राओं को आत्मरक्षा...
article-image
दिल्ली , पंजाब , राष्ट्रीय , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

जहाज में जंजीरों से क्यों बांधकर भारतीयों को अमेरिका ने भेजा? विदेश मंत्री ने राज्यसभा में दे दिया जवाब

अमेरिका से भारतीयों की वापसी को लेकर संसद में मचे बवाल को शांत करने के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में बयान दिया, साथ ही यह भी बताया कि क्यों इन सभी...
article-image
हिमाचल प्रदेश

एचआरटीसी के 87 रूटों को 573 आवेदन : सरकार ने 168 और रूटों को सरेंडर करने की अनुमति दे दी – 275 रूट पर नहीं चलेंगी एचआरटीसी बसें

रोहित भदसाली।  शिमला :   एचआरटीसी द्वारा सरेंडर किए गए रूटों को हासिल करने में निजी बस ऑपरेटर अच्छी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इनका काफी ज्यादा रूझान इसमें सामने आया है। प्राइवेट ऑपरेटरों ने सरेंडर...
Translate »
error: Content is protected !!