पुनीत महाजन . चंडीगढ़ / नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इस सप्ताह अपनी पहली फ्लेक्स फ्यूल (Flex Fuel) कार को बाजार में पेश करने जा रही है। इस नई तकनीक से लैस वाहन के आने से उपभोक्ताओं को महंगे पेट्रोल पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
फ्लेक्स फ्यूल तकनीक वाली कारें पेट्रोल के साथ-साथ ए
थेनॉल मिश्रित ईंधन पर भी चल सकती हैं। यह तकनीक वाहन मालिकों के लिए ईंधन खर्च कम करने के साथ-साथ प्रदूषण घटाने में भी सहायक मानी जाती है। भारत सरकार भी एथेनॉल आधारित ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है, जिसके तहत वाहन कंपनियों को फ्लेक्स फ्यूल वाहनों के निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
मारुति सुजुकी की इस पहल को ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि फ्लेक्स फ्यूल वाहनों के बढ़ते उपयोग से देश की तेल आयात पर निर्भरता कम होगी और किसानों को एथेनॉल उत्पादन के माध्यम से अतिरिक्त लाभ प्राप्त होगा।
कंपनी की ओर से लॉन्च होने वाली इस नई कार में आधुनिक फीचर्स, बेहतर माइलेज और पर्यावरण अनुकूल तकनीक का समावेश किया गया है। ऑटोमोबाइल उद्योग और ग्राहकों की नजरें अब इस बहुप्रतीक्षित लॉन्च पर टिकी हुई हैं।
मारुति सुजुकी की पहली फ्लेक्स फ्यूल कार का बाजार में आगमन भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग में हरित ऊर्जा और वैकल्पिक ईंधन की दिशा में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।
