मुख्यमंत्री ने ‘भीम विचार पत्र’ का किया विमोचन : अनुसूचित जाति वर्ग के संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने को समर्पित हैं यह विचार पत्र

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रोहित जसवाल / एएम नाथ। ऊना, 13 मार्च :  मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुखू ने शुक्रवार को कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के बंगाणा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग द्वारा प्रकाशित ‘भीम विचार पत्र’ का विमोचन किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार, आयोग के सदस्य अधिवक्ता विजय डोगरा, दिग्विजय मल्होत्रा तथा शालिनी और आयोग के सदस्य सचिव वरिंद्र शर्मा उपस्थित रहे।
यह प्रकाशन अनुसूचित जाति वर्ग के संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आयोग द्वारा प्रकाशित एक अन्य विचार पत्र का भी विमोचन किया, जिसमें हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग का परिचय, उसके उद्देश्य तथा प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने आयोग के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में आयोग द्वारा किए जा रहे प्रयास समाज में जागरूकता और सशक्तिकरण को नई दिशा देंगे।
हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार ने बताया कि इन प्रकाशनों के माध्यम से आयोग के कार्यों, उद्देश्यों तथा अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवाई गई है।
उन्होंने बताया कि आयोग ने 14 अप्रैल 2027 तक दस श्रृंखलाओं के अंतर्गत 100 विचार पत्र प्रकाशित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इन विचार पत्रों के माध्यम से अनुसूचित जाति वर्ग को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ सामाजिक उत्थान से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इन प्रकाशनों के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव अंबेडकर और पंडित जवाहरलाल नेहरू सहित अन्य महान विभूतियों द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी भी युवा पीढ़ी तक पहुंचाई जाएगी। इसके लिए ऑडियो-विजुअल माध्यमों तथा पुस्तकों और विचार पत्रों के जरिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसी क्रम में आयोग अनुसूचित जाति समुदाय को संवैधानिक अधिकारों और कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से 15 मार्च को कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के थानाकलां में विशेष जन-जागरूकता शिविर का आयोजन भी करेगा।
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