नई दिल्ली : नीट पेपर लीक मामले में छात्रों के आंदोलन के बाद शनिवार (25 जुलाई) को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने वाले धर्मेंद्र प्रधान आज (सोमवार, 27 जुलाई) को पहली बार संसद पहुंचे थे।
एक तरफ जहां बीजेपी और एनडीए के कई सांसदों ने उनका भव्य स्वागत किया और पाग पहनाकर उन्हें संसद भवन के अंदर ले गए। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने उनकी तरफ बढ़कर सहानुभूति जताने की कोशिश की लेकिन प्रधान ने उन्हें टका सा जवाब दे दिया।
दरअसल, कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने प्रधान से सहानुभूति जताते हुए कहा, ‘इट हैपन्स’ (ऐसा होता है)। इस पर धर्मेंद्र प्रधान ने तुरंत जवाब दिया ‘नथिंग हैपन्ड’ (कुछ नहीं हुआ है)। इसके बाद प्रधान ने कहा- ‘आई एम ए स्ट्रीट फाइटर, नॉट एन एसी रूम ऐक्टिविस्ट’ (मैं सड़क पर संघर्ष करने वाला नेता हूं, एसी रूम में बैठने वाला एक्टिविस्ट नहीं)। प्रधान ने अपने राजनीतिक विरोधी को यह जवाब ऐसे समय में दिया है, जब उनके भविष्य को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है।
पार्टी संगठन में बड़ी भूमिका दिए जाने की चर्चा
ऐसी चर्चा है कि कैबिनेट से हटने के बाद प्रधान को पार्टी संगठन में कोई भूमिका दी जा सकती है या उन्हें पाँच राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए बीजेपी के प्रचार अभियान की कमान सौंपी जा सकती है। उनके समर्थकों का मानना है कि उन्होंने देशहित में अपना पद त्याग किया है। उम्मीद है कि इस कदम से जनता और उनके संसदीय क्षेत्र, संबलपुर में उनकी छवि और मज़बूत होगी। प्रधान ने शनिवार को X पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा, “पिछले 10 दिनों की घटनाओं को देखकर मुझे दुख हुआ है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का मामला नहीं है।” उन्होंने आगे कहा, “भारत की युवा शक्ति ही इस देश की असली ताकत है। मेरा संकल्प है कि हम देश के युवाओं को भ्रम के दुष्चक्र में नहीं फँसने देंगे।”
प्रधान के लिए आगे क्या?
धर्मेंद्र प्रधान ओडिशा बीजेपी के एक ताकतवर नेता होने के अलावा, उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में भी अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने हाल ही में हुए बिहार विधानसभा चुनावों में प्रभारी के तौर पर काम किया और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी के खिलाफ सुवेंदु अधिकारी की जीत में अहम भूमिका निभाई। 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को झटका लगने के बाद, जब पार्टी अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं कर पाई, तो प्रधान ने हरियाणा में पार्टी की जीत में बड़ा योगदान दिया। इससे पहले, उन्होंने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक समेत कई राज्यों में प्रभारी के तौर पर पार्टी की सफलता में अहम भूमिका निभाई थी।
बड़ी बात यह है कि मंत्री पद से इस्तीफा देने के तुरंत बाद, गृह मंत्री अमित शाह उनके घर गए और पार्टी प्रमुख नितिन नवीन और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने शिक्षा क्षेत्र में धर्मेंद्र प्रधान द्वारा लागू किए गए सुधारों का समर्थन किया है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि प्रधान को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
