रजनी पाटिल करेंगी जिला और ब्लॉक पदाधिकारियों के कामकाज की समीक्षा

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एएम नाथ । शिमला। मिशन-2027 की तैयारियों के बीच हिमाचल कांग्रेस अब संगठन की जमीनी सक्रियता परखने के लिए तैयार है। प्रदेश कांग्रेस मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल तीन दिवसीय हिमाचल दौरे पर आ रही हैं। 24 सितंबर को सोलन में जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी, जबकि 25 सितंबर को शिमला स्थित राजीव भवन में प्रदेशभर के प्रमुख पदाधिकारियों का रिपोर्ट कार्ड खंगाला जाएगा।

बैठक में जिला अध्यक्षों से लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों तक के पिछले तीन माह के कामकाज की समीक्षा होगी। बैठक को लेकर संगठन में इसलिए भी हलचल है क्योंकि इस बार केवल औपचारिक समीक्षा तक मामला सीमित रहने के संकेत नहीं हैं।

शीर्ष नेतृत्व और प्रदेश संगठन की ओर से जारी कार्यक्रमों को जिलों और ब्लाकों में कितना लागू किया गया, कौन पदाधिकारी मैदान में उतरा और किसकी सक्रियता केवल बैठकों तक सीमित रही, इसका ब्योरा सामने आएगा। पदाधिकारियों को अपने काम का पूरा रिकार्ड लेकर बैठक में पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। इन विषयों पर भी होगी चर्चा

नीट पेपर लीक सहित विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस की ओर से किए गए आंदोलनों में जिला और ब्लाक स्तर के पदाधिकारियों की भूमिका भी समीक्षा का हिस्सा होगी। संगठन की ओर से दिए गए निर्देशों का कितना पालन हुआ और निर्धारित जिम्मेदारियों को किस स्तर तक पूरा किया गया, इस पर भी चर्चा होगी।

निष्क्रिय चेहरों पर गिरेगी गाज

समीक्षा बैठक का सबसे अहम संदेश उन पदाधिकारियों के लिए माना जा रहा है, जो जिम्मेदारी संभालने के बाद सक्रिय नहीं दिखे। पार्टी ने संगठन के कामकाज के लिए कुछ मानक तय किए हैं और इन्हीं के आधार पर प्रदेश कांग्रेस की ओर से रिपोर्ट तैयार की गई है। निर्धारित जिम्मेदारियां पूरी नहीं करने वालों को चेतावनी देने से लेकर संगठन से बाहर करने तक की कार्रवाई के संकेत हैं। किन्नौर में सुलह की बनी चुनौती

रजनी पाटिल के सामने किन्नौर कांग्रेस का विवाद भी बड़ी चुनौती रहेगा। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और जिला कांग्रेस अध्यक्ष निगम भंडारी के बीच मतभेद लंबे समय से सामने हैं। बैठक में इस विवाद को आमने सामने बिठाकर सुलझाया जाएगा।

कांग्रेस प्रदेश मामलों की प्रभारी हिमाचल दौरे पर आ रही हैं। 26 सितंबर को अग्रणी संगठनों के साथ भी बातचीत की जाएगी। बठक में कामकाज की समीक्षा की जाएगी।
-विनोद जिंटा, महासचिव (संगठन) प्रदेश कांग्रेस कमेटी।

हिमाचल की पहली महिला ट्रक ड्राइवर नेहा ठाकुर: पहाड़ों की सड़कों से सपनों की मंजिल तक

बचपन के जुनून ने दिखाई नई राह

हिमाचल प्रदेश की पहली महिला ट्रक ड्राइवर नेहा ठाकुर की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा में है। मंडी जिले की रहने वाली नेहा ने ग्लैमरस करियर का रास्ता छोड़कर बचपन के जुनून को चुना और स्टीयरिंग थामकर नई मिसाल कायम की। उनके लिए ट्रक केवल रोजी-रोटी का साधन नहीं, बल्कि पहचान और सपनों को पूरा करने का माध्यम है।

पिता के ट्रक से शुरू हुआ सफर

नेहा का बचपन मंडी की पहाड़ियों और घाटियों के बीच बीता। उनके पिता ट्रक चलाते थे और कई बार उसी ट्रक से उन्हें स्कूल छोड़ने जाते थे। ट्रकों की गड़गड़ाहट, बड़े-बड़े टायर और पिता का संघर्ष नेहा के बचपन का हिस्सा बन गए। पिता की मेहनत और काम के प्रति समर्पण ने उन्हें प्रेरित किया।

2022 में जब नेहा ने ट्रक ड्राइविंग को करियर बनाने का फैसला किया, तो उनके पिता ने समाज की परवाह किए बिना पूरा साथ दिया। उनके समर्थन से नेहा को इस चुनौतीपूर्ण पेशे में आगे बढ़ने का हौसला मिला।

एयर होस्टेस का सपना छोड़ा, चुना हाईवे का रास्ता

ग्रेजुएशन के बाद नेहा चंडीगढ़ जाकर एयर होस्टेस बनने की ट्रेनिंग लेने लगीं। वह आसमान की ऊंचाइयों में करियर बनाना चाहती थीं, लेकिन पहाड़ों की सड़कें और ट्रकों से जुड़ा पुराना लगाव उन्हें लगातार अपनी ओर खींचता रहा।

‘द बेटर इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, नेहा ने ग्लैमरस करियर छोड़कर ट्रक ड्राइविंग को अपना जुनून बना लिया। आज वह हिमाचल प्रदेश की पहली महिला ट्रक ड्राइवर के रूप में पहचानी जाती हैं।

खतरनाक पहाड़ी रास्तों पर बेखौफ सफर

हिमाचल प्रदेश की पहाड़ी सड़कों पर ट्रक चलाना आसान नहीं है। संकरी सड़कें, तीखे मोड़, ढलान और बदलता मौसम ड्राइवरों के लिए बड़ी चुनौतियां हैं। इसके बावजूद नेहा इन रास्तों पर पूरे आत्मविश्वास से ट्रक चलाती हैं।

बारिश, ऊबड़-खाबड़ पहाड़, सामान की लोडिंग-अनलोडिंग और हाईवे का रोजमर्रा का सफर उनके वीडियो में दिखाई देता है। एक बार उन्होंने ऐसे कठिन रास्ते पर ट्रक चलाया, जिससे कई अनुभवी ड्राइवर भी बचने की कोशिश करते हैं। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और लोगों ने उनके साहस की जमकर तारीफ की।

सादगी और हौसले से सोशल मीडिया पर बनाई पहचान

नेहा ट्रक चलाने के साथ सोशल मीडिया पर अपने सफर की झलकियां भी साझा करती हैं। उनके व्लॉग्स और रील्स में हाईवे का जीवन, पहाड़ी रास्ते, ट्रक की लोडिंग-अनलोडिंग और रोजमर्रा की चुनौतियां दिखाई देती हैं।

नेहा का कंटेंट बनावटी ट्रेंड पर आधारित नहीं है। वह अपनी असली जिंदगी और अनुभवों को सहजता से लोगों तक पहुंचाती हैं। यही वजह है कि उनके वीडियो दर्शकों को पसंद आते हैं और तेजी से वायरल होते हैं।

बेटियों के सपनों को पंख देती कहानी

नेहा की कहानी उन लड़कियों के लिए प्रेरणा है, जो समाज की तय सीमाओं से आगे बढ़कर अपने सपने पूरे करना चाहती हैं। उन्होंने साबित किया है कि किसी पेशे को पुरुषों या महिलाओं के आधार पर नहीं बांटा जा सकता।

एयर होस्टेस बनने की ट्रेनिंग के बाद ट्रक ड्राइवर बनना उनके जीवन का बड़ा मोड़ था। आज वह अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने के साथ हिमाचल प्रदेश की बेटियों को यह संदेश भी दे रही हैं कि मेहनत, आत्मविश्वास और परिवार के समर्थन से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।

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