राहुल गांधी के सामने भिड़े पंजाब के नेता : पंजाब में कांग्रेस में होंगे बड़े बदलाव !

by

चंडीगढ़  : पंजाब में हुए स्थानीय निकाय के चुनाव में आम आदमी पार्टी 958 सीटें जीत कर इतिहास रच दिया है. दरअसल, पिछली बार इनके पास केवल 69 सीटें ही थी. वहीं, कांग्रेस पार्टी ने पिछली बार 1399 सीटें जीती थीं, जो इस बार 397 पर सिमट गई हैl

अकाली दल 284 से 192 पर आ गई और बीजेपी 49 सीट के उछल कर 172 सीट पर पहुंच गई है. शहरी पंजाब में कांग्रेस का वोट प्रतिशत 64.6 फीसदी से घटकर 20 फीसदी रह गया है. हालांकि, नुकसान अकाली दल को भी हुआ है, जबकि आम आदमी पार्टी और बीजेपी को शहरी क्षेत्रों में फायदा पहुंचा है।

पंजाब के निकाय चुनावों में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने पंजाब के कांग्रेस नेताओं को दिल्ली बैठक के लिए बुलाया था. बताया जाता है कि इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और प्रदेश अध्यक्ष राजा वडिंग के बीच जमकर बहस हुई। दरअसल, चन्नी ने अपने क्षेत्र में स्थानीय निकाय चुनाव में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि प्रदेश अध्यक्ष अपने इलाके में बहुत बुरा रिजल्ट दिया. खबर तो ये भी है कि बैठक में पंजाब में नेता प्रतिपक्ष की भी बहस हुई और वो बीच में ही बैठक छोड़कर चले गए।

हालांकि, बाजवा इससे इंकार करते हैं,  लेकिन, अंदर से आ रही इन खबरों ने साफ कर दिया है कि पंजाब में कांग्रेस पूरी तरह से बंटी हुई दिख रही है और राहुल गांधी ने सबको हिदायत दी है कि सभी नेता निजी स्वार्थ को भुला कर पार्टी के लिए काम करें।

पंजाब कांग्रेस को नया रूप देने की तैयारी में जुटे राहुल

इसके साथ ही यह भी खबर आ रही है कि आलाकमान पंजाब में बड़े बदलाव की तैयारी में है. यदि सूत्रों की मानें तो पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष बदला जाने वाले हैं और इस रेस में विजय इंदर सिंगला का नाम लिया जा रहा है। पंजाब में हमेशा हिंदू और सिख के बीच तालमेल बिठा कर पार्टियां काम करती हैं। विजय इंदर सिंगला हिंदू हैं। वे संगरूर से सांसद और विधायक भी रह चुके हैं और 10 जनपथ के करीबी माने जाते हैं. यदि सिंगला प्रदेश अध्यक्ष बनते हैं, तो प्रगट सिंह के पंजाब में नेता प्रतिपक्ष बनने की बहुत चर्चा है । वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को कैंपेन कमिटी का प्रमुख बनाया जा सकता है, जबकि सुखजिंदर सिंह रंधावा को टिकट बंटवारा कमिटी में जगह दी जा सकती है. इस तरह से राहुल गांधी पूरी पंजाब कांग्रेस को नया रूप देने की तैयारी में हैं।

हालांकि, यह भी सच है कि पंजाब की राजनीति कुछ अलग ढंग से चलती है. 2021 में स्थानीय निकाय चुनावों में 1399 सीटों पर जीतने वाली कांग्रेस 2022 का विधानसभा चुनाव हार जाती है और आम आदमी पार्टी की सरकार बन जाती है. इसलिए पंजाब में सबके लिए मौका है, बस जरूरत है, तो बेहतर नेतृत्व और प्रभावी मुद्दों को लेकर चुनाव लड़ने की।

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब , हरियाणा

मनीष तिवारी ने श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेका : वर्ष 2026 के लिए शांति और समृद्धि की अरदास की

चंडीगढ़ से सांसद ने विश्व शांति और विकास की कामना की, चुनौतियों के सामने पंजाब की मजबूती से उभरा अमृतसर, 2 जनवरी: पूर्व केंद्रीय मंत्री और चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी ने आज यहां...
article-image
पंजाब

संविधान में बाबा साहेब हमें अधिकार ना देते तो हमारी हालत पहले से बदतर होती : बंगा

गढ़श्ंकर। श्री गुरू रविदास वैल्फेयर स्र्पोटस कलब चूहड़पुर दुारा संविधान के निर्माता भारत रत्न डा. भीम राव अंबेडकर के जन्म दिवस को समर्पित समागम करवाया गया। जिसमें मान सम्मान व बराबरता और अधिकारों के...
article-image
पंजाब

The main objective of the

Newly appointed cabinet minister Dr. Ravjot Singh was welcomed with a guard of honour in Hoshiarpur – Said, developing Hoshiarpur district as an ideal district is his priority Hoshiarpur/Daljeet Ajnoha/Sept.24 : The newly appointed...
Translate »
error: Content is protected !!