बरनाला : बरनाला जिले में विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को ऑनलाइन माध्यम से रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी की पहचान हरमंजीत सिंह के रूप में हुई है, जो माल हल्का कट्टू, सब तहसील धनौला में तैनात था।
विजिलेंस ब्यूरो के इंस्पेक्टर गुरमेल सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता बसीर खान ने आरोप लगाया था कि उसके पिता दिलावर खान ने वर्ष 2014 में गांव कट्टू स्थित अपनी खेती योग्य जमीन पर मालवा ग्रामीण बैंक बालियां से दो लाख सत्तर हजार रुपये का कर्ज लिया था। कर्ज चुकाने के बाद बैंक ने 27 अगस्त 2025 को संबंधित पटवारी को पत्र लिखकर जमीन से गिरवी हटाने की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद शिकायतकर्ता और पटवारी के बीच फोन पर बातचीत हुई। दो दिसंबर 2025 को बसीर खान तहसील कार्यालय धनौला में पटवारी से मिला, जहां आरोपी ने जमीन को मुक्त कराने का प्रमाणपत्र जारी करने और पिता की मृत्यु के बाद विरासत इंतकाल दर्ज करने के बदले पांच हजार रुपये रिश्वत की मांग की।
स्टेटमेंट से खुल गया राज
आरोप है कि पटवारी के कहने पर शिकायतकर्ता ने अपने मोबाइल से ऑनलाइन माध्यम के जरिए राशि भेज दी। जांच के दौरान बैंक खाते की स्टेटमेंट खंगालने पर पता चला कि चार हजार रुपये आरोपी पटवारी की माता गुरमीत कौर के खाते में स्थानांतरित किए गए थे, जो सेंट्रल बैंक की भुच्चो मंडी शाखा में है।
इस वित्तीय लेनदेन ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया और यह साबित हो गया कि पटवारी ने उक्त कार्य के बदले रिश्वत ली थी। इसके बाद विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की शुरू
पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी ने पहले भी इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दिया है या नहीं। विजिलेंस विभाग ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। लोगों से अपील की गई है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो तुरंत इसकी शिकायत करें, ताकि सख्त कार्रवाई की जा सके।
