लाहौल-स्पीति में मेगा मॉक ड्रिल का सफल आयोजन, भूकंप, भूस्खलन, ग्लॉफ , फ्लैश फ्लड और वनाग्नि परिदृश्यों में परखी गई आपदा प्रबंधन क्षमता

by
एएम नाथ। लाहौल-स्पीति : जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) लाहौल-स्पीति द्वारा सोमवार को जिले में व्यापक स्तर पर मेगा मॉक ड्रिल का सफल आयोजन किया गया। उपायुक्त एवं अध्यक्ष डीडीएमए किरण भड़ाना के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभ्यास में भूकंप, भूस्खलन, ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF), आकस्मिक बाढ़ तथा वनाग्नि जैसे बहु-आपदा परिदृश्यों के दौरान विभिन्न विभागों की तैयारियों, संसाधनों, समन्वय तथा त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण किया गया।May be an image of one or more people, crowd, temple and text
मॉक ड्रिल की शुरुआत प्रातः 9 बजे 8.0 तीव्रता के काल्पनिक भूकंप परिदृश्य से हुई। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) को सक्रिय कर सभी आपातकालीन सहायता कार्यों (ESFs) को अलर्ट किया गया तथा सरकारी एवं निजी संस्थानों में ‘ड्रॉप, कवर एंड होल्ड’ एवं सुरक्षित निकासी अभ्यास करवाया गया। जिला अस्पताल तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय उदयपुर में भी विशेष आपदा प्रतिक्रिया अभ्यास आयोजित किए गए। उदयपुर विद्यालय परिदृश्य में 70 विद्यार्थियों, 25 अध्यापकों एवं 10 गैर-शिक्षण कर्मचारियों की उपस्थिति के बीच भवन क्षति की स्थिति दर्शाई गई, जिसमें 30 विद्यार्थी एवं 5 शिक्षक मलबे में फंसे दिखाए गए। संयुक्त बचाव अभियान के माध्यम से सभी प्रभावितों को सुरक्षित निकालकर चिकित्सा सहायता प्रदान की गई।
इसके बाद शाकस नाला में बड़े भूस्खलन की काल्पनिक घटना पर आधारित मॉक ड्रिल आयोजित की गई। परिदृश्य के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग-03 एवं केलांग संपर्क मार्ग अवरुद्ध हो गया तथा कई वाहन मलबे में दब गए। बचाव दलों द्वारा संचालित अभियान में कुल 36 प्रभावित व्यक्तियों का आंकलन किया गया। इनमें 12 लोगों को मृत, 17 को घायल तथा 6 को सुरक्षित निकाला गया, जबकि गंभीर रूप से घायल पांच व्यक्तियों को उपचार हेतु क्षेत्रीय अस्पताल केलांग भेजा गया। एनडीआरएफ, पुलिस, बीआरओ, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग तथा अन्य एजेंसियों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया। साथ ही मलबा हटाकर सड़क बहाली का भी अभ्यास किया गया।May be an image of one or more people
सिस्सू एवं शाशिन क्षेत्र में घेपन(अलियास झील) से संभावित ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की चेतावनी पर आधारित व्यापक निकासी एवं राहत अभ्यास किया गया। इस दौरान कुल 802 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जिनमें स्थानीय निवासी, पर्यटक, होटल कर्मचारी, मजदूर तथा छात्र शामिल थे। परिदृश्य के अनुसार 36 आवासीय भवन, 33 होटल, एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा एक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय प्रभावित दर्शाए गए। खोज एवं बचाव अभियान के दौरान 23 घायलों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि 27 लोगों की मृत्यु तथा 26 लोगों के लापता होने की स्थिति का अभ्यास किया गया। राहत शिविरों, चिकित्सा सेवाओं, संचार नेटवर्क तथा आपूर्ति प्रबंधन की व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया गया।
मॉक ड्रिल के समापन पर आयोजित समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया। अभ्यास के दौरान प्राप्त अनुभवों, चुनौतियों, कमियों एवं श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा भविष्य में आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक सुझाव दर्ज किए गए।
उपायुक्त किरण भड़ाना ने कहा कि लाहौल-स्पीति जैसे आपदा-संवेदनशील जिले में इस प्रकार के बहु-आपदा अभ्यास विभिन्न विभागों की समन्वित कार्यप्रणाली को मजबूत करने तथा किसी भी वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
हिमाचल प्रदेश

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज पेश करेंगे बजट : विकास और राहत पर रहेगी नजर

हिमाचल का बजट आज सुबह 11 बजे, सीएम सुक्खू अंतिम तैयारियों में जुटे बजट से उम्मीदें बढ़ीं, कर्मचारियों, किसानों और युवाओं के लिए क्या होगा खास? एएम नाथ। शिमला : हिमाचल प्रदेश की राजनीति...
हिमाचल प्रदेश

उत्पादन बढ़ाने के लिए मिट्टी का परीक्षण जरूरीः संजीव

कृषि विभाग ने लगाए 20 मिट्टी प्रशिक्षण शिविर, किसान को बांटे बीज व जैव उर्वरक ऊना – विकास खंड उना के अंतर्गत कृषि विभाग ने मिट्टी स्वास्थ्य प्रबंबन को बढ़ावा देने के लिए मार्च...
हिमाचल प्रदेश

महिला एवम बाल विकास विभाग द्वारा आर्य डिग्री कॉलेज में जागरूकता शिविर आयोजित

नूरपुर, 27 दिसंबर: महिला एवम बाल विकास विभाग के सौजन्य से आज बुधवार को स्थानीय राजकीय आर्य डिग्री कॉलेज में ‘वो दिन’ कार्यक्रम के तहत महिलाओं व किशोरियों के लिए एक दिवसीय जागरूकता शिविर...
article-image
हिमाचल प्रदेश

मंडी में ब्यास नदी किनारे मिला अज्ञात युवक का शव, पुलिस जांच में जुटी

एएम नाथ। मंडी : जिला मंडी के कोटली क्षेत्र के तहत आते कुन-का-तर में ब्यास नदी के किनारे एक अज्ञात युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मामले की...
Translate »
error: Content is protected !!