पटियाला : विजिलेंस ब्यूरो ने पंचायत विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में डिप्टी डायरेक्टर विनोद कुमार गागट और डीडीसी सुरिंदर सिंह शामिल हैं।
जांच के मुताबिक, गांव हरियाऊ खुर्द की पंचायत जमीन की नीलामी वर्षों तक नहीं करवाई गई। आरोप है कि इस जमीन पर नियमों को दरकिनार कर अवैध कब्जे करवाए गए। 2011 से 2018 के बीच इस जमीन से होने वाली करोड़ों रुपये की आय पंचायत खाते में जमा नहीं करवाई गई, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, सिर्फ 2015 से 2018 के बीच जमीन की नीलामी न होने से सरकार को करीब 5 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। जांच में यह भी सामने आया है कि यह पूरा खेल उस समय के कुछ नेताओं के संरक्षण में चल रहा था, ताकि सत्ता से जुड़े लोगों को फायदा पहुंचाया जा सके। इस मामले में कई अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। FIR में पूर्व बीडीपीओ मलविंदर सिंह, परमजीत कौर और सुतंतर सिंह के नाम शामिल हैं। इसके अलावा तेजा सिंह, राजिंदर सिंह, भूपिंदर सिंह, गुरतेज सिंह, जगविंदर सिंह, अमरीक सिंह, हरिंदर सिंह भंगू, राम सिंह और सुखविंदर सिंह जैसे कई कर्मचारियों को भी आरोपी बनाया गया है, जो अलग-अलग समय पर ग्राम सेवक और पंचायत सचिव के पदों पर तैनात रहे थे।
