विश्व बैंक ने आपदा राहत कार्यों के दक्ष संचालन के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व को सराहा : विश्व बैंक ने प्रदेश को नुकसान के व्यापक आकलन और पूर्ण सहायता प्रदान करने की पेशकश की

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शिमला :  हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश, भूस्खलन और बाढ़ के कारण हाल ही में हुई आपदा से निपटने के लिए प्रभावी प्रबंधन में मुख्यमंत्री  सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा किए गए अनुकरणीय प्रयासों की विश्व बैंक ने सराहना की है। भारत में बैंक के कंट्री डायरेक्टर अगस्ते तानो कौमे ने एक पत्र के माध्यम से प्राकृतिक आपदा के कारण उत्पन्न हुई स्थितियों से कुशलतापूर्वक निपटने के लिए मुख्यमंत्री की असाधारण नेतृत्व क्षमताओं की सराहना की। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए व्यक्तिगत रूप से निगरानी और प्रदेश से पर्यटकों की सकुशल वापसी सुनिश्चित करने तथा त्वरित कदम उठाने के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की।
मुख्यमंत्री  सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हाल ही में आपदा के कारण प्रदेश को भारी क्षति पहुंची है और इस की भरपाई करने में कम से कम एक वर्ष लगेगा। उन्होंने कहा कि अब तक 8000 करोड़ रुपये से अधिक नुकसान का अनुमान है और सड़क, पुल, बिजली और पानी की आपूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थायी बहाली राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह राज्य और प्रदेशवासियों के लिए परीक्षा की घड़ी है और विश्व बैंक का सहयोग यहां पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विश्व बैंक ने प्रदेश को नुकसान के व्यापक आकलन और पूर्ण सहायता प्रदान करने की पेशकश की है। विश्व बैंक ने सड़क, बिजली, जलापूर्ति, आवास, सार्वजनिक भवन, सिंचाई बुनियादी ढांचे, कृषि, बागवानी, पशुधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नुकसान के सटीक आंकलन के लिए वैश्विक आपदा न्यूनीकरण और पुनर्प्राप्ति सुविधा (जीएफडीआरआर) के सहयोग से मूल्यांकन का प्रस्ताव दिया है। प्रस्तावित मूल्यांकन का उद्देश्य पुनर्वास प्रक्रिया में सहायता और पुनर्निर्माण प्रयासों को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है। इसके अलावा, विश्व बैंक, पुनर्वास और पुनर्निर्माण, आपदा जोखिम प्रबंधन, अधोसंरचना निर्माण, पारिस्थितिकी तंत्र और आजीविका के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए भी तैयार है।
  मुख्यमंत्री ने इस चुनौतीपूर्ण समय में उदारतापूर्ण सहयोग प्रदान करने के लिए विश्व बैंक का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि विश्व बैंक की सहायता से राज्य पुनर्वास और पुनर्निर्माण की दिशा में आगे बढ़ेगा और भविष्य में आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए सुदृढ़ प्रणाली विकसित करने की दिशा में कार्य करेगा।
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