विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने संविधान सदन से दिया वैश्विक संदेश
CSPOC के 28वें सम्मेलन में पधारे 42 से अधिक राष्ट्रों के प्रतिनिधि
एएम नाथ। नई दिल्ली : नई दिल्ली के संसद भवन परिसर स्थित संविधान सदन में आयोजित कॉमनवेल्थ स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारियों (CSPOC) के 28वें सम्मेलन में भारत ने एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी लोकतांत्रिक नेतृत्व शक्ति का प्रदर्शन किया। इस प्रतिष्टित आयोजन के अवसर पर आयोजित भोज में हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष श्री कुलदीप सिंह पठानिया ने भी शिरकत की।
कार्यक्रम में भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन सहित 12 से अधिक राष्ट्रों के प्रतिनिधियों, 60 से अधिक स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारियों ने भाग लिया, जो इस सम्मेलन के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी वैश्चिक सहभागिता है।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने इस वैक्षिक समागम के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत ने न केवल अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं के संरक्षण को दुनिया के सामने रखा है, बल्कि संसदीय सहयोग के वैश्विक नेटवर्क को मजबूत करने में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को पुनः स्थापित किया है।
गौरतलब है कि यह दो-वार्षिक सम्मेलन संसदीय लोकतंत्र के विविध रूपों को समझने और वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए एक साझा मंच प्रदान करता है। इस बार का आयोजन न केवल संख्यात्मक दृष्टि से बल्कि कूटनीतिक दृष्टि से भी भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि बनकर उभरा है।
सम्मेलन के दौरान इंटर पार्लियामेंट्री यूनियन की प्रेसिडेंट डॉ. तुलिया एक्सन ने अपना उद्घाटन संदेश साझा किया।
साझा सीख व लोकतांत्रिक आदान-प्रदान
हिमाचल प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष श्री कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि यह आयोजन राष्ट्रमंडल देशों के बीच साझा सीख और लोकतांत्रिक मूल्यों के आदान- प्रदान का एक अभूतपूर्व अवसर है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मंच भविष्य की संसदीय चुनौतियों से निपटने के लिए एक नया रोडमैप तैयार करेगा। भारत के अन्य देशों के साथ सहयोग इस नेटवर्क के माध्यम से विश्व को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
