शराब से कितना कमाती पंजाब की सरकार : ठेके और वाइन शॉप के बावजूद क्यों जहरीली दारू खरीदते हैं लोग?

by
चंडीगढ़।  सरकार अपने खजाने को भरने में लगी हुई है और आम आदमी को भूल जाती है, जो शाम को शराब पीने के लिए पैसे नहीं खर्च कर सकता। आम तौर पर गरीब और मजदूर वर्ग दिनभर की कड़ी मेहनत के बाद अपनी थकान कम करने के मकसद से शराब का सेवन करता है और उसके सामने सस्ती शराब पीने का ही विकल्प बचा होता है।
हर जगह ठेके और वाइन शॉप के बावजूद लोग जहरीली दारू खरीदते हैं। वो इसलिए भी कि अंग्रेजी शराब और सरकारी ठेकों पर मिलने वाली शराब की कीमत महंगी होती है, जिसे पी पाना किसी भी मजदूर और गरीब के लिए संभव नहीं है। अमृतसर के जहरीली शराब कांड में भी कुछ इसी तरह की कहानी है।
पंजाब में अवैध और कच्ची शराब, जो बेहद सस्ते दामों पर मिलती है, उसके सेवन से 27 लोग मरे हैं। हालांकि ये कोई पहला वाकया नहीं है, बल्कि अक्सर जहरीली और कच्ची शराब से लोगों को मौत होती रही है। फिलहाल यहां समझते हैं कि पंजाब में शराब की कितनी दुकानें चलती हैं और इन दुकानों के जरिए एक वित्त वर्ष में पंजाब की सरकार कितनी कमाई कर लेती है।
पंजाब में शराब की कितनी दुकानें :   मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में पहले शराब के लिए 236 ग्रुप थे, जिन्हें घटाकर नई आबकारी नीति के तहत 207 किया। हालांकि राज्य में शराब की दुकानों की संख्या 6 हजार से ऊपर यानी कुल 6374 है। एक रिपोर्ट में दावा है कि पंजाब में बीयर की बोतल की कीमत 200 रुपये से कम नहीं है, जबकि पंजाब मीडियम लिकर ब्रांड की कीमत 275 रुपये से 290 रुपये प्रति बोतल के बीच है। सबसे निम्न श्रेणी की व्हिस्की की कीमत भी 410 रुपये प्रति बोतल से शुरू होती है।
शराब से कितना कमाती है पंजाब की सरकार :  27 फरवरी 2025 में पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार एक नई आबकारी नीति लाई थी। कैबिनेट से आबकारी नीति को मंजूरी दी गई और वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 11,020 करोड़ का आबकारी राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा गया। ये पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 874.05 करोड़ रुपये अधिक था। इससे सरकार दारू से होने वाली कमाई का अंदाजा लगाया जा सकता है। वैसे फरवरी 2025 में आए एक आधिकारिक सरकारी बयान में कहा गया कि आबकारी नीति 2024-25 के लिए 10,145 करोड़ का लक्ष्य था और राज्य सरकार ने 10200 करोड़ रुपये जुटाए। पंजाब में ये पहली बार था कि आबकारी नीति के जरिए आए संग्रह (राशि) ने 10,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया।
अहम ये भी कि पंजाब सरकार ने नई आबकारी नीति में शराब पर गौ कल्याण उपकर भी बढ़ाया। इसे एक रुपये प्रति प्रूफ लीटर से बढ़ाकर 1.50 रुपये प्रति प्रूफ लीटर कर दिया गया। मोटा-मोटा इससे सरकार के राजस्व में 16 से 24 करोड़ रुपये का इजाफा होने का दावा है।
Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब , राष्ट्रीय , हिमाचल प्रदेश

जमानत याचिका फिर खारिज : मनी लांड्रिंग मामले में आप नेता सुरिंदर जैन की

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन व दो अन्य लोगों की मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सीबीआई अदालत की ओर से वीरवार को फिर से जमानत याचिका रद्द कर दी गई है।...
article-image
पंजाब

77th Annual Guga Jahir Veer

Hoshiarpur / Daljeet Ajnoha/August 26 : The 77th Annual Guga Jahir Veer Fair was celebrated with great devotion and enthusiasm at Village Ajnoha in District Hoshiarpur, under the leadership of Sewadar Baba Harkirat Singh...
article-image
पंजाब

पटाखों की बिक्री के लिए 57 अस्थायी लाइसेंस किए जारी -वीडियोग्राफी के माध्यम से पारदर्शी तरीके से ड्रा निकाल कर जारी किए गए लाइसेंस

होशियारपुर, 18 अक्टूबरः डिप्टी कमिश्नर होशियारपुर कोमल मित्तल ने इस वर्ष दीवाली के त्यौहार के दौरान रिटेल में पटाखे बेचने संबंधी ड्रा के माध्यम से जिले में 57 अस्थायी लाइसेंस जारी किए हैं। आज जिला प्रशासकीय...
Translate »
error: Content is protected !!