पैलेट गन केस में अज्ञात आरोपियों पर FIR, BNS की धारा 118 और 125 में मामला दर्ज : 6 घंटे थाने के बाहर धरने पर बैठे राहुल गांधी

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नई दिल्ली: दिल्ली में 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान 19 वर्षीय साहिल लोचब के कथित पैलेट गन से घायल होने के मामले में शुक्रवार को नया मोड़ आ गया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी घायल छात्र और उसके परिवार के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे और FIR दर्ज करने की मांग को लेकर थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। करीब छह घंटे से अधिक चले घटनाक्रम के बाद दिल्ली पुलिस ने साहिल की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118 और 125 के तहत मामला दर्ज किया है। FIR में फिलहाल किसी पुलिसकर्मी या अन्य व्यक्ति को नामजद आरोपी नहीं बनाया गया है। मामला अज्ञात आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ है।

क्या कहती हैं FIR में लगाई गई धाराएं?

BNS की धारा 118 खतरनाक हथियार या साधन के इस्तेमाल से जानबूझकर किसी व्यक्ति को चोट या गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित है।

वहीं, BNS की धारा 125 ऐसे लापरवाही या उतावलेपन वाले कृत्य से संबंधित है, जिससे किसी व्यक्ति की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा खतरे में पड़ती हो।

अब जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाएगी कि साहिल को चोट किन परिस्थितियों में लगी, उसके शरीर में मौजूद छर्रे किस हथियार से आए और घटना के लिए कौन जिम्मेदार है।

पैलेट गन के इस्तेमाल पर आमने-सामने दावे

20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान साहिल लोचब के घायल होने का मामला सामने आया था। साहिल का दावा है कि सुरक्षा बलों की ओर से पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जिससे उसके शरीर में बड़ी संख्या में छर्रे घुसे और उसकी दाहिनी आंख भी प्रभावित हुई।

दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस पैलेट गन चलाए जाने के आरोप से इनकार कर चुकी है। ऐसे में FIR दर्ज होने के बाद जांच का सबसे अहम पहलू यही होगा कि साहिल को लगी चोटों के लिए वास्तव में कौन जिम्मेदार है और किस प्रकार के हथियार का इस्तेमाल हुआ।

शिकायत में 200 से अधिक छर्रों का दावा

साहिल की ओर से 14 अगस्त को पुलिस को लिखित शिकायत दिए जाने की बात सामने आई थी। शिकायत में दावा किया गया कि प्रदर्शन के दौरान उस पर कई बार पैलेट गन से फायरिंग हुई और उसके शरीर में 200 से अधिक छर्रे मौजूद हैं। शिकायत में मेडिकल रिकॉर्ड के अलावा CCTV फुटेज, पुलिस एवं सुरक्षा बलों के बॉडी कैमरों और ड्रोन फुटेज को सुरक्षित रखने की मांग भी की गई थी।

हालांकि, शरीर में मौजूद छर्रों की संख्या, उनके स्रोत और पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़े दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

राहुल गांधी ने थाने के बाहर दिया धरना

शुक्रवार को राहुल गांधी साहिल लोचब और उसके परिवार के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की और शिकायत पर FIR दर्ज करने की मांग की। तत्काल FIR दर्ज न होने के बाद राहुल गांधी थाने के बाहर धरने पर बैठ गए।

राहुल गांधी ने कहा कि साहिल के शरीर में बड़ी संख्या में छर्रे हैं और उसकी आंख भी प्रभावित हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि दिल्ली पुलिस ने पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया, तो फिर साहिल को चोट किस हथियार से लगी।

राहुल गांधी के धरने के दौरान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, जयराम रमेश, कुमारी शैलजा समेत कई अन्य कांग्रेस नेता भी मौके पर पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस बल और RAF की तैनाती की गई।

दिल्ली पुलिस ने जांच को लेकर क्या कहा?

दिल्ली पुलिस का कहना था कि 20 जुलाई की घटना से जुड़े मामले पहले से क्राइम ब्रांच की जांच के दायरे में हैं। पुलिस के अनुसार साहिल की शिकायत को भी जांच के लिए क्राइम ब्रांच को भेजा जा सकता था। पुलिस ने पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोप से इनकार किया है।

अब FIR दर्ज होने के बाद जांच में CCTV फुटेज, बॉडी कैमरा, ड्रोन फुटेज, मेडिकल रिकॉर्ड और फोरेंसिक रिपोर्ट अहम साक्ष्य हो सकते हैं।

बीजेपी ने राहुल गांधी के धरने पर उठाए सवाल

राहुल गांधी के प्रदर्शन पर बीजेपी ने भी प्रतिक्रिया दी। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का प्रदर्शन न्याय से ज्यादा राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश है। उन्होंने दावा किया कि 20 जुलाई की घटना की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है।

बीजेपी ने सवाल उठाया कि जब मामला पहले से जांच के दायरे में है, तो राहुल गांधी को थाने के बाहर धरना देने की आवश्यकता क्यों पड़ी। वहीं कांग्रेस का कहना है कि पीड़ित की शिकायत पर FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना जरूरी है।

अब जांच में इन सवालों के मिलेंगे जवाब

FIR दर्ज होने के बाद जांच एजेंसियों के सामने मुख्य सवाल होंगे—

  • साहिल को चोट किन परिस्थितियों में लगी?
  • उसके शरीर में मिले छर्रे किस हथियार के हैं?
  • क्या वास्तव में पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ था?
  • यदि पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ तो इसे किसने चलाया?
  • घटना के समय कौन-कौन से पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर तैनात थे?
  • CCTV, बॉडी कैमरा और ड्रोन फुटेज में क्या सामने आता है?
  • मेडिकल और FSL रिपोर्ट क्या बताती है?
  • क्या किसी अधिकारी ने पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश दिया था?

अब FIR दर्ज होने के बाद जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि 20 जुलाई की घटना में साहिल लोचब के घायल होने की वास्तविक वजह क्या थी और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।

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